विदेश की खबरें | बाइडन ने जापान रवाना होने से पहले कहा, कई मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर ‘काम किए जाने की जरूरत’
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

बाइडन यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध और प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ते प्रभाव को लेकर सहयोगी देशों के साथ चर्चा के लिए अपने एयरफोर्स वन विमान से जापान की यात्रा पर रवाना हुए।

इस बीच, घरेलू मोर्चे पर उन्हें ऋण सीमा पर लगातार बढ़ते गतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जापान में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बीच वाशिंगटन में वार्ताकारों के साथ ‘लगातार संपर्क’ में रहने की प्रतिबद्धता भी जताई।

ऋण सीमा पर रिपब्लिकनों के साथ जारी गतिरोध के बीच बाइडन ने पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा रद्द कर दी थी।

उन्होंने कहा था, “प्रतिनिधि सभा में सत्ता पक्ष के नेता के साथ अंतिम वार्ता और एक समझौते पर दस्तखत के लिए वाशिंगटन में होने की जरूरत की खातिर मैंने अपनी यात्रा में कुछ कटौती की है। मैंने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका एक मृत राष्ट्र नहीं है, हम अपने बिलों का भुगतान करने में सक्षम हैं।”

बाइडन ने बुधवार को भरोसा जताया था कि उनका देश ऋण अदायगी में चूक नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि रिपब्लिकन सांसदों के साथ बातचीत सार्थक रही है। कल व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम से बाइडन ने कहा, “मुझे विश्वास है कि हम बजट पर समझौता कर लेंगे और अमेरिका ऋण चूक नहीं करेगा। सभी सांसद साथ आ जाएंगे क्योंकि और कोई विकल्प नहीं है।’’

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)