शिमला, 18 दिसंबर हिमाचल प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र कांगड़ा जिले के तपोवन में मंगलवार को जोरदार हंगामे के साथ शुरू होने के आसार हैं और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व सत्तारूढ़ कांग्रेस सदन में एक-दूसरे को घेरने की तैयारी कर रही हैं।
तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत से उत्साहित भाजपा आक्रामक तेवर में दिखाई दे रही है और सरकार को घेरने का कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहेगी।
धर्मशाला में सोमवार को 'आक्रोश' रैली में भाजपा नेताओं के तेवर से भी यही संकेत मिले।
भाजपा नेताओं ने संकेत दिया है कि सत्र के दौरान कांग्रेस सरकार द्वारा चुनाव के वक्त दी गई गारंटियों को पूरा करने में विफल रहने, विकास की धीमी गति, बढ़ती कीमतों को रोकने में विफलता, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।
आपदा प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान करने का मुद्दा भी जोर पकड़ सकता है क्योंकि कांग्रेस सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत शासन पर राज्य को विशेष राहत पैकेज नहीं देने का आरोप लगा रही है।
वहीं भाजपा, कांग्रेस सरकार पर राज्य को दी गई वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार को श्रेय नहीं देने का आरोप लगा रही है।
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