जर्मनी से 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने के अमेरिकी आदेश के बाद ट्रंप ने और बड़ी सैन्य कटौती की तरफ इशारा किया है. साथ ही ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान से मिले नए प्रस्ताव को संदेह के साथ देख रहे हैं.अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे जर्मनी में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या में "काफी ज्यादा" कटौती करने की योजना बना रहे हैं. यह बात उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग के उस आदेश के एक दिन बाद कही है, जिसमें 5,000 अमेरिकी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने की बात कही गई है. अमेरिका के फ्लोरिडा में डॉनल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा,"हम बहुत बड़ी कटौती करने जा रहे हैं और हम 5,000 से कहीं ज्यादा की कटौती कर रहे हैं."
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि सैनिकों की यह वापसी अगले छह से 12 महीनों में पूरी कर ली जाएगी. इस फैसले में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के उस फैसले को भी पलट दिया गया है जिसमें जर्मनी में लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलों वाली एक अमेरिकी बटालियन तैनात करने की योजना थी.
यह घोषणा, अप्रैल के आखिर में जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स और डॉनल्ड ट्रंप के बीच हुई सार्वजनिक अनबन के बाद आई है. फ्रीडरिष मैर्त्स ने अमेरिका की मध्य-पूर्व से निकलने की रणनीति पर सवाल उठाए थे. मैर्त्स ने कहा कि ईरान बातचीत की मेज पर अमेरिका को "अपमानित" कर रहा है, जिस पर ट्रंप की ओर से गुस्से वाली प्रतिक्रिया आई.
अमेरिकी कदम पर जर्मनी की प्रतिक्रिया?
जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियुस ने शनिवार, 1 मई को कहा कि सैनिकों की संख्या में इस आंशिक कटौती की उम्मीद की जा रही थी. उन्होंने कहा कि यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए और अधिक जिम्मेदारी लेने की जरूरत है. पिस्टोरियुस ने यह भी जोड़ा कि अपनी सेना का विस्तार करने, सैन्य खरीद में तेजी लाने और अधिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की कोशिश करके "जर्मनी सही रास्ते पर है."
दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी में एक कब्जे वाली सेना के रूप में शुरू हुई अमेरिकी सेना की मौजूदगी 1960 के दशक में अपने चरम पर थी. शीत युद्ध के दौरान भी हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात रहे. अमेरिकी डिफेंस मैनपावर डेटा सेंटर के अनुसार, ताजा अमेरिकी आंकड़े बताते हैं कि इस समय यूरोप में करीब 86,000 अमेरिकी सैनिक हैं. वहीं जर्मनी में 36,000 से अधिक सक्रिय ड्यूटी कर्मी और 11,000 से अधिक नेशनल गार्ड, रिजर्व सैनिक और सिविल कर्मचारी तैनात हैं. यानी जर्मनी में सबसे बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात है.
ईरान के नए प्रस्ताव पर ट्रंप को संदेह
ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान के एक नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं आपको इसके बारे में बाद में बताऊंगा", और यह भी जोड़ा कि "वे अब मुझे सटीक शब्द देने जा रहे हैं."
इस बयान के कुछ ही देर बाद ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि वे "कल्पना नहीं कर सकते कि यह स्वीकार्य होगा क्योंकि उन्होंने (ईरान) पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक काफी बड़ी कीमत नहीं चुकाई है." इससे पहले ईरान की ओर से भेजे गए एक प्रस्ताव को ट्रंप खारिज कर चुके हैं.












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