मुंबई, 22 फरवरी बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) से पूछा कि वह अडाणी एंटरप्राइजेज, उसके चेयरमैन गौतम अडाणी और प्रबंध निदेशक राजेश अडाणी से जुड़े 2019 के मामले में अभी सुनवाई क्यों चाहता है?
अदालत ने मजाकिया लहजे में यह टिप्पणी करते हुए जोड़ा कि क्या 'बाहर जो माहौल है' उसके चलते अभी सुनवाई के लिए मामले को लाया गया है।
जाहिर है कि अदालत ने अमेरिकी वित्तीय शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडाणी समूह पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में यह बात कही। अडाणी समूह ने इन आरोपों से इनकार किया है, हालांकि इसके बावजूद समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट हुई है।
अडाणी एंटरप्राइजेज ने 2019 में एक याचिका दायर कर उसी साल के सत्र न्यायालय के आदेश को रद्द करने का आग्रह किया था। अदालत ने कंपनी, गौतम अडाणी और राजेश अडाणी को बाजार नियमों के कथित उल्लंघन के एक मामले में मुक्त करने से इनकार कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2019 में सत्र अदालत के आदेश पर रोक लगा दी थी। यह स्थगन आदेश समय-समय पर फरवरी 2022 तक बढ़ाया जाता रहा।
पिछले हफ्ते कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले अनुशासनात्मक संगठन एसएफआईओ ने मामले को सुनवाई के लिए अपील की। इसके बाद इसे बुधवार को न्यायमूर्ति आर जी अवाचट की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।
न्यायमूर्ति अवाचट ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की कि इस मामले को इस समय सुनवाई के लिए क्यों लाया गया है। पीठ ने इसके बाद याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की।
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