नयी दिल्ली, 22 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक समिति को इस बारे में एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है कि तेलंगाना में सचिवालय इमारत को गिराये जाने में प्राधिकारियों द्वारा पर्याप्त एहतियात बरती जा रही है या नहीं।
अधिकरण ने हालांकि राज्य स्तरीय प्रभाव आकलन प्राधिकरण को विध्वंस कार्य के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति जारी करने से रोकने से इनकार कर दिया।
एनजीटी ने कहा कि अर्जी स्वीकार नहीं की जा सकती क्योंकि राज्य स्तरीय प्रभाव आकलन प्राधिकरण एक विशेषज्ञ निकाय है और एक वैधानिक प्राधिकरण को दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करने से रोकने का आदेश नहीं दिया जा सकता।
एनजीटी ने कहा, ‘‘यदि पक्षकार प्रदान की गयी पर्यावरणीय मंजूरी से असंतुष्ट हैं, तो राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत अपील दायर करके उसको चुनौती देने के लिए एक उपाय उपलब्ध है।’’
यह भी पढ़े | कोरोना के मिजोरम में अब तक 317 मामले आए सामने: 22 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक, पर्यावरण और वन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, तेलंगाना स्टेट वेट लैंड अथॉरिटी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और पर्यावरण इंजीनियरिंग पर काम करने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद के एक प्रोफेसर को शामिल करते हुए एक समिति बनाई।
समिति को संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण करने और इसको लेकर सुझावों के साथ एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है कि विध्वंस कार्य और एकत्रित मलबे के निपटान के दौरान अधिकारियों द्वारा सावधानियां बरती गईं या नहीं।
न्यायमूर्ति के रामकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ ने समिति से पूछा कि संभावित प्रदूषण से बचने के लिए और क्या सावधानी बरती जा रही हैं और क्या उपरोक्त क्षेत्र के पास स्थित हुसैन सागर झील सहित पर्यावरण को कोई नुकसान हुआ है।
पीठ ने समिति को देय पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का आकलन करने और दो महीने की अवधि के भीतर अधिकरण को उसके बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया।
पीठ ने कहा, “कोरोना वायरस संक्रमण को वर्तमान स्थिति निरीक्षण नहीं करने और इस मामले में उठाए गए पर्यावरण के महत्व के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक आधार के रूप में नहीं लिया जा सकता है।’’
पीठ ने कहा, ‘‘तेलंगाना राज्य को निर्देश दिया जाता है कि वह इस अधिकरण द्वारा जारी किए गए निर्देशों को पूरा करने के लिए समिति के हिस्से के तौर पर राज्य के बाहर से आने वाले अधिकारियों के लिए रहने और अन्य परिवहन सुविधाओं के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करे।’’
समिति को निर्देशित किया जाता है कि वह 25 सितम्बर तक ईमेल के जरिये एक रिपोर्ट सौंपे।
अधिकरण वर्तमान सचिवालय इमारत को पुनर्निर्माण के तहत गिराने के तेलंगाना राज्य के कदम के खिलाफ कांग्रेस सांसद ए आर रेड्डी की ओर से दायर एक अर्जी पर सुनवायी कर रहा था।
अधिवक्ता श्रवण कुमार के जरिये दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि विध्वंस का काम संबंधित प्राधिकरियों से आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना और कंस्ट्रक्शन एंड डिमॉलिशन आफ वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के प्रावधानों का अनुपालन किए बिना चल रहा है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY