केपटाउन, चार जून विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि जब कोई व्यक्ति देश से बाहर कदम रखता है, तो कभी-कभी ‘‘राजनीति से भी बड़ी चीजें’’ होती हैं।
जयशंकर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर कई बार निशाना साधा।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद गांधी ने इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिका के सांता क्लारा में भारतीय मूल के अमेरिकियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना की थी और विभिन्न मोर्चों पर सरकार की नीतियों पर निशाना साधा था।
शनिवार को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद केपटाउन में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि वह अपने बारे में बात कर सकते हैं और विदेश यात्रा के दौरान राजनीति नहीं करते।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘देखिये, मैंने कहा है कि मैं केवल अपने लिए बात कर सकता हूं, मैं कोशिश करता हूं कि जब मैं विदेश जाऊं तो राजनीति न करूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्वदेश में बहस करने और जोरदार तरीके से बहस करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहता हूं----लेकिन मुझे लगता है कि आप जानते हैं, एक लोकतांत्रिक व्यवस्था की भी एक निश्चित सामूहिक जिम्मेदारी होती है। राष्ट्रीय हित होता है, सामूहिक छवि होती है। कभी-कभी राजनीति से भी बड़ी चीजें होती हैं और जब आप देश के बाहर कदम रखते हैं, तो मुझे लगता है कि यह याद रखना महत्वपूर्ण होता है।’’
जयशंकर ने कहा, ‘‘तो मेरी किसी के साथ असहमति हो सकती है। मैं आपसे कह सकता हूं, मैं उनसे असहमत हूं। लेकिन, मैं इसका जवाब कैसे दे सकता हूं, मैं स्वदेश जाकर उसे करना चाहूंगा। और जब मैं वापस आऊंगा, तो मुझ पर नजर रखिएगा।’’
जयशंकर ने कहा कि आज भारतीय विदेश नीति का एक हिस्सा विदेशों में भारतीय नागरिकों के कल्याण को सुरक्षित करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि आज भारतीयों के वैश्वीकरण को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे तंत्र स्थापित किए जाएं, जो कठिन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया दे सकें।
उन्होंन कहा, ‘‘कभी-कभी वे किसी देश के अनुसार हो सकते हैं। कुछ सप्ताह पहले हमारे समक्ष सूडान में बहुत खराब स्थिति थी। साथ ही तब भी जब यूक्रेन में लड़ाई शुरू हुई थी। वास्तव में, जब मैं इन पिछले नौ वर्षों को देखता हूं, लगभग हर साल, कहीं न कहीं हमारे समक्ष एक चुनौती वाली स्थिति रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तो, यह कुछ ऐसा है, जो होता रहेगा और काम करने वाले, रहने वाले, विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों की देखभाल करना आज हमारा मौलिक दायित्व है।’’
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