Fuel Crisis: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला; पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई, तेल कंपनियों को मिलेगी राहत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया है. यह कदम वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच तेल कंपनियों को घाटे से बचाने के लिए उठाया गया है.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (Excise Duties) (उत्पाद शुल्क) में भारी कटौती का ऐलान किया है. सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर 'शून्य' कर दी है. इसके साथ ही, डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) 21.5 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है. यह भी पढ़ें: 'No Fuel Shortage': देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं; सरकार ने 'पैनिक बाइंग' पर जताई चिंता, PNG नेटवर्क विस्तार के लिए नए नियम लागू
क्यों पड़ी कटौती की जरूरत?
यह फैसला ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के जवाब में लिया गया है. तेहरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के कारण दुनिया की कच्चे तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा (20 से 25 मिलियन बैरल प्रतिदिन) प्रभावित हुआ है. युद्ध से पहले भारत अपनी तेल जरूरतों का 12 से 15 प्रतिशत इसी मार्ग से आयात करता था.
तेल कंपनियों और विमानन क्षेत्र को राहत
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण तेल विपणन कंपनियां (OMCs) मार्केटिंग के मोर्चे पर घाटा उठा रही थीं. एक्साइज ड्यूटी में इस कटौती से कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा, जिससे फिलहाल पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों (Retail Prices) को स्थिर रखने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) को विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया है, जिससे विमानन क्षेत्र को बड़ी राहत मिली है. हालांकि, एटीएफ के निर्यात पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगाया गया है. यह भी पढ़ें: ईंधन आपूर्ति पर सरकार का बड़ा बयान: एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का स्टॉक पर्याप्त; पैनिक बुकिंग और अफवाहों से बचने की सलाह
'पैनिक बाइंग' न करने की अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि देश भर में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. मंत्रालय ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) से बचने का आग्रह किया है. सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है.
रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर सक्रिय
ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं. मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घरेलू खपत को सहारा देने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी (LPG) का उत्पादन भी बढ़ा दिया गया है. सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का असर घरेलू उपभोक्ताओं पर कम से कम पड़े.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 27, 2026 11:17 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

