विदेश की खबरें | पश्चिमी देशों के नेताओं ने रूस पर पूर्वी यूक्रेन में सैनिक भेजने का आरोप लगाया

हफ्तों से, पश्चिमी देश यूक्रेन पर रूसी आक्रमण होने का अंदेशा जता रहे हैं। रूस ने यू्क्रेन की सीमा के तीन ओर करीब डेढ़ लाख सैनिक जमा कर रखे हैं।

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूस ने पूर्व यूक्रेन में विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दे दी है।

रूस के इस कदम ने क्षेत्रों पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अपनी पकड़ को औपचारिक रूप देने तथा सैनिक भेजने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

हालांकि, रूस के इस कदम पर विश्व भर से त्वरित प्रतिक्रिया आई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि वह रूस के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने पर विचार करेंगे और कीव ने मास्को में मौजूद अपने राजदूत को वापस बुला लिया।

यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने मंगलवर को पेरिस में कहा , ‘‘रूसी सैनिक डोनबास में घुसे हैं। ’’इस इलाके में अलगाववादियों के दो इलाके हैं। बोरेल ने कहा , ‘‘हम डोनबास को यूक्रेन का हिस्सा मानते हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं कहता कि यह एक पूर्ण आक्रमण है लेकिन रूसी सैनिक यूक्रेन की जमीन पर हैं। ’’

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावेद ने कहा कि रूसी सैनिक यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में प्रवेश कर गये हैं। उन्होंने स्काई न्यूज से कहा, ‘‘यूक्रेन पर आक्रमण शुरू हो गया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज यह पाया गया कि रूसियों और राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर आक्रमण करने का फैसला किया। ’’

हालांकि, रूसी अधिकारियों ने विद्रोहियों के इलाकों में सैनिकों की किसी तैनाती के दावे को स्वीकार नहीं किया है।

सोमवार देर शाम बख्तरबंद वाहन अलगाववादियों के कब्जे वाले इलाकों में देखे गये थे। हालांकि यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि वे रूसी ही थे।

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