कोलकाता, 20 फरवरी पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारी कार्रवाई की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए महंगाई भत्ता (डीए) केंद्र के बराबर करने की मांग को लेकर सोमवार से 48 घंटे का कार्य का बहिष्कार करने के अपने फैसले पर अड़े हुए हैं।
'संग्रामी जौथा मंच' सहित राज्य सरकार के कर्मचारी संगठन महानगर के राइटर्स बिल्डिंग, नये सचिवालय, अदालतों, स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ ही सिउरी, बीरभूम, मेदिनीपुर, नदिया, मालदा, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, हुगली और अन्य जिलों में स्थित विभिन्न विभागों में ‘‘काम बंद करो’’ में शामिल हुए।
यहां खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हम महंगाई भत्ते के नियमितीकरण और भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्तियों के लिए काम बंद करने के अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। हम डीए में तीन फीसदी बढ़ोतरी के राज्य सरकार के फैसले से स्तब्ध हैं। हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।’’
राज्य सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इन दो दिनों में काम से दूर रहने वाले कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
राज्य सचिवालय 'नबान्न' के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यदि वे कार्यालय से अपनी अनुपस्थिति के लिए संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे, तो हम कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करेंगे।’’
राज्य सरकार ने 15 फरवरी को विधानसभा में राज्य का बजट पेश करने के बाद 2023-24 के बजट में अपने कर्मचारियों के लिये तीन प्रतिशत अतिरिक्त डीए वृद्धि की घोषणा की।
प्राथमिक विद्यालय शिक्षक एवं संग्रामी जौथा मंच के कार्यकर्ता पीजूष कांति रॉय ने कहा, ‘‘हम इस बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं कर सकते। हम भिखारी नहीं हैं। हम वह मांग रहे हैं, जिसके हम हकदार हैं और इससे कम पर समझौता नहीं करेंगे।’’
कोलकाता शहर के केंद्र में स्थित शहीद मीनार मैदान में 'संग्रामी जौथा मंच' के बैनर तले कई आंदोलनकारी कर्मचारी करीब एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
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