नयी दिल्ली, एक जुलाई विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के एक शीर्ष अधिकारी ने निजी और सरकारी हितधारकों के बीच सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया है, ताकि मौजूदा और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने के लिए नवोन्मेषी समाधानों का विस्तार किया जा सके।
डब्ल्यूईएफ में स्वास्थ्य और स्वास्थ्य देखभाल के प्रमुख श्याम बिशन ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर एक बयान में कहा, ‘‘हालांकि, भारत में हाल के दशकों में चिकित्सा पेशे में बदलाव देखने को मिला है, लेकिन कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य प्रणालियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपनी क्षमता से अधिक करने को मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा, "आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी और पुरानी बीमारी के बढ़ते बोझ के कारण भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र दबाव की स्थिति में रहेगा।’’
बिशन ने कहा, "इसे और भविष्य की अन्य चुनौतियों का सामना करने के लिए, सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को एक साथ आना चाहिए और चिकित्सा पेशे से जुड़े उन लोगों के सहयोग के लिए समाधान तैयार करना चाहिए और उनके आवश्यक कार्य करने की उनकी क्षमता का समर्थन करना चाहिए।"
‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम्स प्लेटफार्म फॉर शेपिंग द फ्यूचर ऑफ हेल्थ एंड हेल्थकेयर’ ऐसी साझेदारियों के निर्माण, सुविधा और विस्तार के लिए समर्पित है।
बिशन ने कहा, "हम अपने बहु-क्षेत्रीय समुदाय के साथ काम कर रहे हैं ताकि चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों का सहयोग करने और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम देने की पहल की जा सके।" इनमें से एक पहल के तौर पर गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना शामिल है।
अधिक पहलों का उल्लेख करते हुए, बिशन ने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य इक्विटी नेटवर्क स्थायी समाधानों में बहुक्षेत्रीय निवेश को बढ़ावा देता है।
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