दरअसल बीजिंग द्वारा नवंबर माह की शुरुआत में पारित एक संकल्प के बाद लोकतंत्र समर्थक खेमे के चार सदस्यों को अयोग्य करार दिया गया था।
इन सदस्यों ने इस्तीफे ऐसे समय में दिए हैं जब चीन हांगकांग पर अपना नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। कार्यकर्ताओं के मुताबिक हांगकांग को चीन से अलग करने वाले अधिकार कुचले जा रहे हैं।
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हांगकांग में लोकतंत्र का समर्थन करने वाले कार्यकर्ता ‘छाता आंदोलन’ (अंब्रेला मूवमेंट) के तहत 2014 से ज्यादा लोकतंत्र की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चीन हांगकांग की जनता को मतदान से अपने नेता का चुनाव करने की इजाजत देने के वादे से पलट रहा है।
करीब तीन दशक से राजनीति में सक्रिय 58 वर्षीय वू ची वई ने इस्तीफा देने के बारे में कहा कि पद पर बने रहने से चीजें बदलने वाली नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि चीन समर्थक सरकार ऐसी नीतियों को आगे बढ़ाने को लेकर कटिबद्ध है जिन्हें लोकतंत्र समर्थक खेमा रोकने में सक्षम नहीं है।
वई ने कहा कि लोकतंत्र समर्थकों को फिर से सोचना होगा कि आगे की लड़ाई किस तरह लड़नी है क्योंकि अब कई चीजें बदल चुकी हैं।
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