देश की खबरें | मादक पदार्थ तस्करों को कथित ‘राजनीतिक संरक्षण’ देने को लेकर केरल विधानसभा में वाकयुद्ध

तिरुवनंतपुरम, दो फरवरी केरल विधानसभा में बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी गठबंधन यूडीएफ के सदस्यों के बीच राज्य में मादक पदार्थ तस्करों को कथित ‘‘राजनीतिक संरक्षण’’ देने को लेकर वाकयुद्ध हुआ।

विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर द्वारा शून्यकाल के दौरान मामले पर चर्चा की अनुमति देने से इनकार करने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।

कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने अलाप्पुझा जिले में हाल में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की जब्ती का विशेष रूप से जिक्र किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उसके स्थानीय नेता मामले में शामिल थे, जो पार्षद भी हैं।

कांग्रेस विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि माकपा, एसएफआई और डीवाईएफआई के कई नेताओं को हाल में केरल में मादक पदार्थ से जुड़े मामलों में पकड़ा गया था, लेकिन राज्य सरकार उन्हें ‘‘समर्थन और संरक्षण’’ दे रही है।

इस मुद्दे पर माकपा को निशाना बनाने वाली मैथ्यू की टिप्पणी से नाखुशी जताते हुए मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने कांग्रेस विधायक को याद दिलाया कि हर चीज की एक सीमा होती है।

विजयन ने विधायक को चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘क्या आपको लगता है कि आप यहां कोई हास्यास्पद बातें कह सकते हैं? सदन को माकपा जैसी पार्टी के खिलाफ कुछ भी कहने का मंच नहीं बनाया जा सकता है। हर चीज की एक सीमा होती है।’’

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