देश की खबरें | ममता के पहुंच कार्यक्रम को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच वाकयुद्ध
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा घोषित एक नये पहुंच कार्यक्रम 'दीदीर सुरक्षा कवच' को लेकर पश्चिम बंगाल में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ टीएमसी के बीच शनिवार को वाकयुद्ध का एक और दौर शुरू हो गया।
कोलकाता, सात जनवरी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा घोषित एक नये पहुंच कार्यक्रम 'दीदीर सुरक्षा कवच' को लेकर पश्चिम बंगाल में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ टीएमसी के बीच शनिवार को वाकयुद्ध का एक और दौर शुरू हो गया।
ममता बनर्जी सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को रेखांकित करने के लिए पार्टी के लगभग 3.5 लाख कार्यकर्ता अगले दो महीनों में राज्य में लगभग दो करोड़ घरों का दौरा करेंगे जिससे 10 करोड़ आबादी इसके तहत आएगी।
पार्टी के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के दूत ‘दीदीर दूत’ कहलाएंगे। बनर्जी को लोग 'दीदी' कहकर संबोधित करते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने पंचायत चुनाव से पहले इस अभियान पर कटाक्ष करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘टीएमसी नेताओं को अपनी अध्यक्ष के लिए सुरक्षा कवच की आवश्यकता होगी क्योंकि उन्हें केंद्रीय परियोजनाओं के पैसे में गड़बड़ी एवं लोगों को वंचित करने के अपने कुकृत्यों के बारे में बताना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के दूत अब राज्य के विभिन्न हिस्सों में...बीडीओ कार्यालयों और बैंकों में हर जगह पहुंच रहे हैं। टीएमसी नेता सीबीआई छापे और केंद्रीय दल के डर से कांप रहे हैं जो यह पता लगाने के लिए राज्य में हर जगह जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत धन का उपयोग कैसे किया गया।’’
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत घरों के आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए दो केंद्रीय दल अभी पश्चिम बंगाल में हैं।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने घोष का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, ‘‘पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत वृद्धावस्था और विधवा पेंशन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों का सत्यापन चल रहा है। फर्जी ‘दीदीर दूत’ लाभार्थी के तौर पर जल्द ही मंजूर होने वाले लाखों लोगों को गुमराह करेंगे और राष्ट्रीय पेंशन योजना को दीदी का उपहार बताएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसकी अधिक संभावना है कि ये फर्जी दूत ‘दुआरे सरकार’ शिविरों में जाकर वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लिए आवेदन कर चुके लोगों को बताएंगे कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें चुना है क्योंकि वे शिविर में गए थे और आवेदन किया था। यह तथ्य छुपाया जाएगा कि उन्हें लाभ पहुंचाने वाली केंद्र सरकार है।’’
'दुआरे सरकार' पहल विभिन्न सरकारी योजनाओं की सुविधा घर के दरवाजे पर उपलब्ध कराने के लिए है।
इस तंज का जवाब देते हुए, टीएमसी के राज्यसभा सदस्य शांतनु सेन ने दावा किया कि राज्य के लोग टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ हैं, जिन्होंने जनता की सहायता के लिए कई सामाजिक कल्याण परियोजनाएं और पहुंच कार्यक्रम शुरू किये हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे भाजपा को जलन हो रही है और वह टीएमसी नीत सरकार द्वारा शुरू किए गए पहुंच कार्यक्रमों को लेकर परेशान हो गई है। वे पंचायत चुनावों में अपनी आसन्न हार को लेकर आश्वस्त हैं और इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं जिनका कोई मतलब नहीं है।’’'
टीएमसी 11 जनवरी से अभियान की शुरुआत करेगी। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दो जनवरी को कहा था, ‘‘पार्टी कार्यकर्ता राज्यभर के लोगों तक पहुंचेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर कोई राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सके।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2023 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

