नयी दिल्ली, पांच फरवरी दिल्ली में विधानसभा चुनाव के तहत बुधवार को 70 विधानसभा क्षेत्रों में शुरुआती चार घंटों में 19 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जिसमें सबसे अधिक मतदान उत्तर पूर्वी जिले में हुआ।
इस चुनाव में 699 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है और 1.56 करोड़ लोग मताधिकार रखते हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) अपनी शासन व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के दम पर तीसरी बार लगातार जीत की उम्मीद कर रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस वापसी की उम्मीद कर रही हैं।
मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे समाप्त होगा। निर्वाचन आयोग के आंकड़े के अनुसार पूर्वाह्न 11 बजे तक 19.95 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
सबसे अधिक मतदान उत्तर पूर्वी जिले में 24.87 प्रतिशत दर्ज किया गया और 31.30 प्रतिशत मतदान के साथ बाबरपुर सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे आगे रहा।
मध्य दिल्ली जिले में सबसे कम 16.46 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां करोल बाग निर्वाचन क्षेत्र में केवल 11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
निर्वाचन आयोग के आंकड़े के अनुसार, पूर्वी दिल्ली जिले में 20.03 प्रतिशत, नयी दिल्ली में 16.80 प्रतिशत, उत्तर में 18.63 प्रतिशत, उत्तर-पश्चिम में 19.75 प्रतिशत, शाहदरा में 23.30 प्रतिशत, दक्षिण में 19.75 प्रतिशत, दक्षिण-पूर्व में 19.66 प्रतिशत, दक्षिण-पश्चिम में 21.90 प्रतिशत और पश्चिम में 17.67 प्रतिशत मतदान हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, केंद्रीय मंत्री एस. जयशंकर और हरदीप सिंह पुरी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल शुरुआती मतदाताओं में शामिल थे।
मोती बाग में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने कहा कि सभी ने सुचारू रूप से चुनाव संपन्न कराने के लिए बहुत मेहनत की है।
कुमार ने कहा, ‘‘आज, 1.5 लाख से अधिक लोग चुनाव कराने में शामिल हैं। महीनों से तैयारियां की जा रही हैं। किसी को भी मतदान किए बिना घर पर नहीं रहना चाहिए। सभी को अपना वोट जरूर डालना चाहिए। मुझे यकीन है कि दिल्ली में मतदान का प्रतिशत बहुत अधिक होगा... युवा मतदाता सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जो उत्साहजनक है। हमने उन्हें प्रेरित करने के लिए बहुत मेहनत की है, क्योंकि वे लोकतंत्र के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।’’
कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली में वैसा ही विकास चाहते हैं जैसा भारत में हो रहा है। मैं दिल्ली के अपने भाइयों और बहनों से विकास, पीने के पानी, टूटी सड़कों की मरम्मत, साफ सीवर, साफ यमुना नदी के लिए वोट देने की अपील करता हूं।’’
भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘मतदान करना न केवल हमारा अधिकार है बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है। लोगों को बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बाहर आना चाहिए। लोकतंत्र में हिंसा, बेईमानी के लिए कोई जगह नहीं है। देश के लोग ईमानदार हैं और वे चाहते हैं कि देश ठीक से चले।’’
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भी मतदाताओं से चुनाव में भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि चुनाव अच्छाई और बुराई के बीच की लड़ाई है।
उन्होंने नागरिकों से प्रगति और ‘‘अच्छाई’’ के लिए मतदान करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘यह काम और गुंडागर्दी के बीच की लड़ाई है।’’
भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी मतदाताओं से अपील की। उन्होंने मतदाताओं से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘‘स्वच्छ, सुशासित और समृद्ध’’ दिल्ली के लिए उनकी पार्टी के दृष्टिकोण का समर्थन करने का आग्रह किया।
नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने दिल्लीवासियों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया।
मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के मतदाताओं से विधानसभा चुनाव में अपना बहुमूल्य वोट देने का आग्रह किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाताओं से उन लोगों को वोट देने का आग्रह किया जिन्होंने दिल्ली में वास्तविक विकास किया है और झूठे वादे करके लोगों को ठगने का प्रयास नहीं किया है, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वच्छ राजनीति की बात करते हुए कहा कि लोग याद रखें कि दिल्ली में सबसे बड़ा घोटाला किसने किया।
केजरीवाल ने दिल्ली के मतदाताओं से राष्ट्रीय राजधानी के भविष्य को आकार देने में अपने वोट के महत्व को पहचानने की अपील की।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए संदेश में केजरीवाल ने कहा, ‘‘आपका वोट सिर्फ एक बटन नहीं है, यह आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। यह हर परिवार को अच्छे स्कूल, बेहतरीन अस्पताल और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का अवसर है।’’
दिल्ली विधानसभा चुनाव को आप के ‘शासन मॉडल’ और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है।
आप अपनी शासन व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के दम पर लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आने की कोशिश में है, जबकि भाजपा 25 से अधिक वर्षों के बाद राजधानी में वापसी के लिए जोर लगा रही है।
दिल्ली में 2013 तक 15 वर्ष शासन करने वाली कांग्रेस पिछले दो चुनाव में एक भी सीट जीतने में विफल रहने के बाद वापसी करने का प्रयास कर रही है।
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