जरुरी जानकारी | वोडाफोन के कर्जदाताओं ने इंडस टावर्स के भारती इंफ्राटेल में विलय को मंजूरी दी

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन ग्रुप ने सोमवार को कहा कि उसके कर्जदाताओं ने इंडस टावर्स के भारतीय इंफ्राटेल के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। इन कर्जदाताओं ने वोडाफोन को वोडाफोन आइडिया लि. के लिये ऋण उपलब्ध कराये हैं।

वोडाफोन आइडिया की इंडस टावर्स में 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसका मूल्य करीब 4,000 करोड़ रुपये अनुमानित है।

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वोडाफोन ग्रुप पीएलसी ने एक सितंबर, 2020 को इंडस टावर्स लि. और भारती इंफ्राटेल लि. के विलय को मंजूरी देने की घोषणा की थी। विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली कंपनी भारती इंफ्राटेल कहलाएगी।

वोडाफोन ने एक बयान में कहा, ‘‘विलय समझौते को मंजूरी वोडाफोन के मौजूदा कर्जधारकों से मिलने वाली अनुमति की शर्त पर निर्भर थी। इन कर्जदाताओं ने वोडाफोन को 1.3 अरब यूरो (करीब 11,100 करोड़ रुपये) का कर्ज दिया हुआ। इस ऋण का उपयोग वोडाफोन आइडिया लि. में कंपनी की तरफ से वित्त पोषण में किया गया। वोडाफोन आइडिया ने इस संदर्भ में 2019 में राइट इश्यू जारी किया था।’’

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बयान के अनुसार, ‘‘उसे विलय को लेकर कर्जदाताओं से मंजूरी मिल गयी है।’’

अब संबंधित पक्ष विलय को प्रभाव में लाने के लिये मंजूरी को लेकर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण पास जाएंगे।

वोडाफोन ने कहा, ‘‘सभी संबद्ध पक्ष सौदे को तेजी से पूरा करने के लिये काम कर रहे हैं।’’

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