सूरी (प.बंगाल), 16 सितंबर विश्व भारती विश्वविद्यालय ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की एक अदालत में नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को दिए गए बेदखली नोटिस को न्यायोचित ठहराने के लिए शनिवार को कई दस्तावेज जमा किए।
नोटिस में सेन से 0.13 एकड़ (5,500 वर्ग फुट) जमीन खाली करने के लिए कहा गया था। विश्वविद्यालय का दावा है कि उन्होंने इस पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
जिला न्यायाधीश सुदेशना डे (चटर्जी) ने आठ अगस्त को बेदखली नोटिस पर रोक लगा दी थी और निर्देश दिया था कि बेदखली नोटिस पर तब तक अमल नहीं होगा, जब तक कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के शांति निकेतन परिसर स्थित जमीन के स्वामित्व अधिकार से जुड़े मुख्य मामले का निस्तारण नहीं हो जाता।
अदालत उस मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें अर्थशास्त्री ने बेदखली नोटिस को चुनौती दी थी।
सेन के वकीलों में से एक राहुल ऑडी ने कहा, ‘‘आज विश्वविद्यालय प्राधिकारियों ने निष्कासन आदेश के समर्थन में कई दस्तावेज प्रस्तुत किये। हमने उनकी प्रतियां मांगी हैं। अदालत 21 सितंबर को आदेश पारित करेगी कि क्या हम उन दस्तावेजों को प्राप्त कर सकते हैं।’’
विश्व भारती ने 19 अप्रैल को सेन को बेदखली नोटिस भेजा था और उनसे शांति निकेतन में 1.38 एकड़ क्षेत्र में बने पैतृक आवास ‘ प्रतीची’ के 0.13 एकड़ हिस्से को छह मई तक खाली करने को कहा था।
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