देश की खबरें | सिक्किम में एसडीएफ के बंद के बीच हिंसा भड़की

गंगटोक, पांच फरवरी दक्षिण सिक्किम जिले के नामची में रविवार को सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के समर्थकों ने विपक्षी दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के एक कार्यालय में कथित तौर पर तोड़फोड़ की जिससे हिंसा भड़क गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

सिक्किम के नेपाली समुदाय पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के विरोध में एसडीएफ द्वारा आहूत 48 घंटे के बंद के बीच दमथांग रोड पर यह घटना हुई।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बंद के पहले दिन शनिवार को बाईपास रोड स्थित एसडीएफ मुख्यालय में तोड़फोड़ की गई थी।

उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग का पुतला जलाने के आरोप में गंगटोक में एसडीएफ के दस सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में युवा नेता अरुण लिंबू और पूर्व मंत्री त्शेरिंग वांगडी लेपचा शामिल हैं।

राज्य के सभी पुराने निवासियों को आयकर छूट का विस्तार करते हुए सिक्किमी नेपाली समुदाय का प्रवासी के रूप में उल्लेख करने संबंधी उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए बंद का आह्वान किया गया था।

संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) ने भी इस मुद्दे पर आठ फरवरी को सिक्किम बंद का आह्वान किया है।

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