देश की खबरें | मणिपुर के ग्रामीण ड्रोन हमलों से भयभीत; घर छोड़कर सामुदायिक भवन में ले रहे शरण

इंफाल, चार सितंबर मणिपुर के सेजम चिरांग के ग्रामीणों का एक तबका दो दिन पहले ड्रोन से बम गिराए जाने के बाद अपने घरों को छोड़कर पास के सामुदायिक भवन में शरण लेने के लिए मजबूर है। ड्रोन से बम गिराए जाने की इस घटना में एक स्थानीय व्यक्ति के परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए थे।

पहला बम 65 वर्षीय किसान के घर की छत से टकराया जिससे उनकी बेटी घायल हो गई। कुछ ही मिनट बाद, आसमान से एक और बम गिरा, जिससे वह और उनका बेटा घायल हो गए।

वाथम गंभीर ने कहा कि ड्रोन से तीन बम गिराए गए जिसमें से एक में हुए विस्फोट से उनके घर की छत टूट गयी। एक बम से उनके गोशाला को नुकसान हुआ, जो उस समय खाली थी। एक बम से वह और उनका बेटा घायल हो गया।

पिछले साल मई से मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ड्रोन से हमला इस संघर्ष में नयी बात है।

मणिपुर में रविवार को इंफाल पश्चिम जिले के कोउतरक गांव में रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित ड्रोन का हथियार के रूप में इस्तेमाल पहली बार देखा गया। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। उसके अगले दिन करीब तीन किलोमीटर दूर सेजम चिरांग में फिर ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ड्रोन का इस्तेमाल कर नागरिकों और सुरक्षा बलों पर बम गिराने को आतंकवादी कृत्य बताया है। राज्य सरकार ने ड्रोन या उनके घटकों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

गंभीर ने कहा, "रविवार को जब हमने ड्रोन की आवाज सुनी तो हम चिंतित हो गए। हमने यह भी सुना कि कोउतरह में बम गिराए गए। अगले दिन हमारे गांव को निशाना बनाया गया।"

बुजुर्ग किसान ने पीटीआई- को बताया कि उन्हें शुरू में लगा कि यह आवाज रिहायशी इलाकों की जांच कर रहे ड्रोन से आ रही है, क्योंकि सेजम चिरांग में पहले भी बार कई गोलीबारी हो चुकी है।

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