अलप्पुझा (केरल), 22 जून लद्दाख में चीन के सैनिकों के साथ हाल में हुई झड़प में घायल हुए हवलदार विष्णु नायर ने जब अपने परिवार को वीडियो कॉल किया तो उनके बाएं हाथ पर पट्टी बंधी थी और चेहरे पर सूजन थी लेकिन उन्हें इस हाल में भी देखकर उनके परिवार के लोगों के चेहरे पर खुशी आ गई।
पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में झड़प की जब खबर टीवी चैनलों पर आयी तो वह विष्णु का परिवार सदमे और चिंता में डूब गया लेकिन जब सेना से यह सूचना आयी कि विष्णु सुरक्षित हैं तो परिवार ने राहत की सांस ली। बाद में विष्णु ने स्वयं ही फोन किया और इस वीडियो कॉल से परिवार के खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
गत 15 जून की रात में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच पांच दशक से अधिक समय की सबसे बड़ी झड़प हुई थी। इस झड़प में एक कर्नल सहित 20 भारतीय जवान शहीद हो गए और 75 से अधिक घायल हो गए। विष्णु घायल 75 जवानों में शामिल हैं।
34 वर्षीय विष्णु की पत्नी प्रीता ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित थी। हम बहुत डरे हुए थे। मेरा छोटा भाई पड़ोस में कुछ लोगों के पास गया ताकि शहीद जवानों के नाम पता चल सकें...।’’
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उन्होंने कहा कि उसके बाद एक अधिकारी ने उन्हें फोन किया और बताया कि उनके पति घायल हैं।
प्रीता अलप्पुझा जिले के पुल्लुकुलंगरा गांव स्थित अपने घर पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारी ने हमसे कहा कि चिंतित नहीं हो। वह सुरक्षित है। वह घायल है।’’
उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें राहत तभी मिली जब उनकी उनके पति से बात हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘उनके चेहरे पर सूजन थी। उनके बाएं हाथ की हड्डी फ्रैक्चर हो गई है और उनके पूरे शरीर पर चोटें थीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह (विष्णु) सात महीने पहले 15 नवम्बर को घर आये थे। हम उनकी लद्दाख में तैनाती से पहले बिहार में थे, वह हमें यहां छोड़कर गए।’’
उन्होंने कहा कि उनके दोनों बच्चे पांच वर्षीय वेदिका और 18 महीने का माधव अपने पिता को वीडियो कॉल में देखकर खुश हो गए।
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