देश की खबरें | मध्य प्रदेश में केएनपी में चीता परियोजना का एक साल पूरा होने पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए

श्योपुर (मप्र), 17 सितंबर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में रविवार को भारत के चीता परियोजना का एक साल पूरा होने के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस परियोजना के तहत नामीबिया से लाए गए आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केएनपी में बाड़ों में छोड़ा गया था। इस साल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते केएनपी पहुंचे।

एक वर्ष के दौरान केएनपी में नौ चीतों की मौत हुई, जिनमें से छह नामीबिया एवं दक्षिण अफ्रीका से लाये गये चीते थे, जबकि तीन शावक थे, जिनका जन्म केएनपी में इस साल हुआ।

रविवार को एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केएनपी प्रबंधन ने सेसईपुरा में एक कार्यक्रम आयोजित किया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस अवसर पर चन्द्र प्रकाश गोयल, महानिदेशक वन एवं विशेष सचिव भारत सरकार, नई दिल्ली, जेएन कंसोटिया, मध्यप्रदेश वन विभाग के अपर मुख्य सचिव और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) एसपी यादव भी उपस्थित थे।

विज्ञप्ति के मुताबिक कूनो राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत चीता परियोजना के शुरुआत से वर्तमान तक की संपूर्ण गतिवधियों पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इसके पश्चात अतिथिगण द्वारा चीता मित्रों से चीता के कूनो में आने के पश्चात उनके अनुभव के संबंध में चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी अतिथियों ने परियोजना के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के समस्त स्टॉफ एवं चीता मित्रों के सहयोग एवं कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाऐं प्रेषित की। कूनों में वर्तमान में 14 चीते एवं एक चीता शावक के स्वस्थ होने पर परियोजना के सफल होने पर संतुष्टि व्यक्त की गई।

कूनो में चीता परियोजना के एक वर्ष की अवधि में चीतों के व्यवहार एवं अनुकूलन संबंधी भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा किये गये अध्ययन की पुस्तिका का विमोचन किया गया।

हीरो मोटर्स के प्रतिनिधियों द्वारा मंच पर सांकेतिक रूप से अतिथियों को हीरो मोटरसाईकिल की चाबी सौंपकर 50 मोटरसाइकिल कूनो राष्ट्रीय उद्यान के चीता ट्रेकिंग दल को प्रदान की गई।

कार्यक्रम में कूनो वनमंडल के सभी परिक्षेत्रों के लगभग 450 चीता मित्र उपस्थित रहे।

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