मुंबई, चार जुलाई कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायक चेतन तुपे पर किसानों के मुद्दों पर बहस के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के आसन पर बैठकर राजनीतिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
वडेट्टीवार ने दावा किया कि जब चर्चा की मांग कर रहे कई विपक्षी सदस्य बीच में ही उठकर चले गए, तो तुपे ने "राजनीतिक टिप्पणी" की, जिससे उस पद की गरिमा को ठेस पहुंची, जिस पर वह अस्थायी रूप से आसीन थे।
कांग्रेस नेता ने यह मुद्दा उस समय उठाया, जब विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर सदन की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने सवाल किया, "तुपे (बृहस्पतिवार को) पीठासीन अधिकारी थे और यह उम्मीद की जाती है कि उस पद की शुचिता बरकरार रखी जाएगी। क्या उस सीट पर बैठकर राजनीतिक टिप्पणी करना सही है?"
महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल के नेता वडेट्टीवार ने कहा, "इस सर्वोच्च आसन का इस्तेमाल पक्षपात के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अध्यक्ष को यह तय करना चाहिए कि इस तरह की टिप्पणी स्वीकार्य है या नहीं।"
नार्वेकर ने सदन को भरोसा दिलाया कि इस तरह की राजनीतिक टिप्पणियां दोहराई नहीं जाएंगी और संवैधानिक प्रक्रियागत मानदंडों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों को संविधान द्वारा स्थापित ढांचे के भीतर ही काम करना चाहिए।
वडेट्टीवार के मुताबिक, तुपे ने विपक्षी विधायकों की आलोचना की और कहा कि बहस के दौरान व्यक्तिगत कारणों से सदन से बाहर चले जाने के उनके कृत्य से किसानों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कमजोर हुई है।
कांग्रेस नेता के अनुसार, तुपे ने कई अनुपस्थित सदस्यों के नाम भी लिए और उन पर किसानों के मुद्दों पर "मगरमच्छ के आंसू" बहाने का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र विधानसभा में किसानों से जुड़े मुद्दों पर बहस बृहस्पतिवार को शाम चार बजे शुरू हुई था और रात 10 बजे तक चली थी।
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