ताजा खबरें | घरेलू आबादी के टीकाकरण की लागत पर टीका कूटनीति सामने आई है: उमर

श्रीनगर, 27 मार्च नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि भारत को टीका कूटनीति के लिए कीमत चुकानी पड़ी है क्योंकि अन्य देशों को की गयी टीके की आपूर्ति का घरेलू स्तर पर बेहतर उपयोग हो सकता था। इस बीच देश में कोरोना वायरस के मामलों में फिर वृद्धि होना शुरू हो गयी है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा है कि उसने अपने लोगों को कोविड-19 का टीकाकरण करने की तुलना में वैश्विक स्तर पर कहीं अधिक टीकों की आपूर्ति की है। इस बयान के बाद उमर ने यह टिप्पणी की है।

उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘ देश में कोविड संक्रमण के मामलों में दोबारा वृद्धि होने के साथ टीका कूटनीति की कीमत चुकानी पड़ी है। इन टीकों का घरेलू स्तर पर बेहतर इस्तेमाल हो सकता था।’’

संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि एवं राजदूत के. नागराज नायडू ने शुक्रवार को महासभा की अनौपचारिक बैठक में कहा कोविड-19 महामारी अब भी जारी है, लेकिन वर्ष 2021 इस सकारात्मक संकल्प के साथ शुरू हुआ कि वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय महामारी को रोकने के लिए कई टीके उपलब्ध कराएगा।

नायडू ने कहा कि भारत अगले छह महीनों में न सिर्फ अपने 30 करोड़ अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का टीकाकरण करेगा, बल्कि 70 से अधिक देशों को टीके की आपूर्ति करने की प्रक्रिया में भी जुटा हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब तक हमने अपने लोगों को टीका लगाने की तुलना में वैश्विक स्तर पर इसकी कहीं अधिक आपूर्ति की है।’’

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