नैनीताल, 19 जून उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को प्रदेश भर में नियमों का उल्लंघन करके अनधिकृत निर्माण गतिविधियों के जारी रखने के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी तथा न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने यह भी कहा कि इस अवधि के दौरान जारी अनधिकृत निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी और वे जनहित याचिका पर आने वाले निर्णय के अधीन होंगे ।
हल्द्वानी के रहने वाले रवि शंकर जोशी ने अपनी याचिका में कहा कि राज्य सरकार ने 2017 में हर जिले में जिला विकास प्राधिकरण गठित किया था जिसके अनुसार जिलों में कोई भी निर्माण गतिविधि इन प्राधिकरणों के नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए ।
याचिका के अनुसार, 17 मार्च, 2021 को सरकार ने एक अध्यादेश जारी किया जिसमें 2016 से पूर्व पारित नक्शों को वैध माने जाने की बात कही गयी, लेकिन इसमें नए जोड़े गए क्षेत्रों के लिए कोई प्रावधान नहीं था।
याचिका में कहा गया कि इसके फलस्वरूप हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में अनधिकृत तरीके से निर्माण कार्य जारी है।
याचिका में कहा गया है कि इस बारे में जब जिला विकास प्राधिकरण से शिकायत की गयी तो उन्होंने कहा कि नए जोड़े गए क्षेत्रों में वर्ष 2016 के पूर्व के नियम ही लागू होंगे।
इस पर याचिकाकर्ता ने अदालत की शरण ली। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी ।
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