देश की खबरें | उत्तराखंड : स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रकोष्ठ का गठन
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

देहरादून, छह अगस्त उत्तराखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं की गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में एक प्रकोष्ठ का गठन किया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय में गठित इस प्रकोष्ठ को बृहस्पतिवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अनुमति दे दी ।

यह भी पढ़े | दिल्ली में आज COVID-19 के 1,299 नए मामले सामने आए, 15 की मौत : 6 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उत्तराखंड पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी की अध्यक्षता में गठित इस प्रकोष्ठ के दो अन्य सदस्य महेंद्र सिंह कुंवर और आलोक भट्ट होंगे। कुंवर एक गैर सरकारी संस्था हार्क से जुड़े हैं जबकि भट्ट मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार हैं ।

एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत सभी सरकारी विभागों में चल रही स्वरोजगार योजनाओं को शामिल किया गया है और यह प्रकोष्ठ राज्य स्तर पर सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा ।

यह भी पढ़े | CLAT 2020 Postponed Again: कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट को एक बार अनिश्चित काल के लिए किया गया स्थगित.

उद्यान, कृषि, माइक्रो फूड प्रोसेसिंग, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, पोल्ट्री, जैविक कृषि आदि सभी विभागों की स्वरोजगार योजनाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लाकर उनपर विशेष ध्यान दिया जा रहा है । योजना में 150 से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं।

युवाओं और प्रदेश में लौटे प्रवासियों के लिए एमएसएमई के तहत बनाई गई इस योजना में निर्माण और सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण व अनुदान की व्यवस्था भी की गई है। । योजना में विनिर्माण के क्षेत्र में 25 लाख रू और सेवा क्षेत्र में 10 लाख रू तक की लागत की परियोजना पर ऋण लिया जा सकेगा और इसमें 25 प्रतिशत तक अनुदान की भी व्यवस्था है।

प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नेगी ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्वरोजगार को आगे बढ़ाने के लिये प्रयास किये जायेंगे ताकि युवा स्वरोजगार अपनाने के साथ ही अन्यों को भी रोजगार दे सकें ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)