ताजा खबरें | उत्तराखंड बाढ़ का चार धाम के लिए राजमार्ग निर्माण से कोई लेनादेना नहीं : सरकार

नयी दिल्ली, 22 मार्च सरकार ने सोमवार को कहा कि चार धाम परियोजनाओं के तहत सड़कों का निर्माण और उनको चौड़ा किए जाने का उत्तराखंड में बाढ़ आपदा से कोई संबंध नहीं है।

उत्तराखंड में चार पवित्र स्थलों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को सभी मौसम के अनुकूल सड़क से जोड़ने के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 900 किलोमीटर लंबी चार धाम राजमार्ग परियोजना बनायी जा रही है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया, ‘‘उत्तराखंड सरकार, भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण तथा रक्षा भू-सूचनात्मक अनुसंधान संस्थान (डीजीआरई) की रिपोर्ट के अनुसार चार धाम परियोजना के लिए सड़कों का निर्माण और उन्हें चौड़ा करने के काम का उत्तराखंड बाढ़ आपदा से कोई संबंध नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के अनुसार यह पूरी तरह से प्राकृतिक घटना है और इसके कारणों में मानव का कोई योगदान नहीं है।

चार धाम परियोजना 12 हजार करोड़ रूपये की लागत से कार्यान्वित की जा रही है।

उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में सात फरवरी को एक हिमनद टूटने से धौली गंगा नदी में भीषण बाढ़ आयी थी जिसमें कम से कम 70 लोगों की जान चली गयी थी।

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