देश की खबरें | उत्तर प्रदेश: राज्यपाल के अभिभाषण को सत्‍ता पक्ष ने सराहा, विपक्ष ने वास्तविकता से कोसों दूर बताया

लखनऊ, 19 फरवरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को सत्ता पक्ष के सदस्यों ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण की सराहना की, जबकि विपक्ष के सदस्यों ने इसे वास्तविकता से कोसों दूर बताया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा था कि महाकुंभ जहां एक ओर अनेकता में एकता को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर समता व समरसता का संदेश भी दे रहा है, जिससे ''एक भारत श्रेष्ठ भारत'' की अवधारणा साकार हो रही है।

बुधवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य डॉक्टर नीरज बोरा ने सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पेश किया, जिसका भाजपा के ही हर्षवर्धन वाजपेयी ने समर्थन किया।

बोरा ने कहा कि राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की है।

उन्होंने महाकुंभ को दुनिया के सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव करार देते हुए कहा कि 56 करोड़ लोगों ने वहां स्नान किया है।

धन्‍यवाद प्रस्‍ताव का समर्थन करते हुए हर्षवर्धन वाजपेयी ने कुंभ मेले के ऐतिहासिक महत्व की सिलसिलेवार चर्चा की और अभिभाषण को सराहा।

राज्‍य के मुख्‍य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ सदस्य शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण वास्तविकता से कोसो दूर है, इसमें प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान न देकर केवल उपलब्धियों का बखान किया गया है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।

यादव ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि यह सरकार अपने शब्दजाल में उलझी हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने जो भाषण दिया है वह सरकार की आत्मप्रशंसा और सरकार के खोखले दावों व अधूरे वादों का पुलिंदा है, इसमें जमीनी सच्चाई से ज्यादा हवाई दावे हैं।

सपा सदस्य गौरव रावत ने शिवपाल सिंह यादव की बात का समर्थन करते हुए कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता।

आनन्द

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