कुशीनगर (उत्तर प्रदेश), 20 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश को 'कालातीत' योगदान वाली धरती करार देते हुए कहा कि यह ऐसा क्षेत्र है जहां कदम-कदम पर तीर्थ स्थल मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री ने यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करने और अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद अपने संबोधन में कहा, ‘‘24 में से 18 जैन तीर्थंकर उत्तर प्रदेश से ही थे। तुलसीदास और कबीर दास जैसी विभूतियों ने भी इसी मिट्टी में जन्म लिया था।’’
मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा कहा जाता है कि उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा संख्या में प्रधानमंत्री दिए हैं। यह उत्तर प्रदेश की खूबसूरती है लेकिन उत्तर प्रदेश की पहचान को यहीं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश को छह या सात दशकों तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह ऐसी धरती है जिसका इतिहास और योगदान कालातीत है।’’
उन्होंने कहा कि भगवान राम का भी अवतरण इसी धरती पर हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश की ही धरती है जहां संत रविदास ने जन्म लिया। उत्तर प्रदेश एक ऐसा क्षेत्र है जहां हर कदम पर तीर्थ स्थल मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि वेदों और पुराणों की रचना भी यही नैमिषारण्य में हुई थी और यहां के अवध क्षेत्र में अयोध्या जैसा तीर्थ स्थल मौजूद है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी गौरवशाली सिख गुरु परंपरा का भी उत्तर प्रदेश से गहरा नाता है। आगरा स्थित गुरु का ताल गुरुद्वारा अब भी गुरु तेग बहादुर की गौरव गाथा और बहादुरी का गवाह है, जहां उन्होंने औरंगजेब को चुनौती दी थी।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY