विदेश की खबरें | अमेरिका ने ईरान के साथ कैदियों की अदला-बदली समझौते की दिशा में कदम उठाया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इसके अलावा समझौते के तहत, प्रशासन अमेरिका में पकड़े गए पांच ईरानी नागरिकों को रिहा करने पर भी सहमत हुआ है।

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पिछले सप्ताह के अंत में प्रतिबंधों में छूट पर हस्ताक्षर किए। इससे एक महीने पहले अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने कहा था कि सैद्धांतिक रूप से एक समझौता हो गया है।

एसोसिएटेड प्रेस (एपी) द्वारा प्राप्त अधिसूचना के अनुसार सोमवार तक अमेरिकी कांग्रेस को छूट के फैसले के बारे में सूचित नहीं किया गया था।

समझौते की रूपरेखा की पहले ही घोषणा की जा चुकी थी और छूट की उम्मीद थी, लेकिन अधिसूचना में बार प्रशासन ने पहली कहा कि वह समझौते के तहत पांच ईरानी कैदियों को रिहा कर रहा है। कैदियों का नाम नहीं बताया गया है।

रिपब्लिकन और अन्य लोगों ने बैंकों को छूट के इस फैसले को लेकर राष्ट्रपति जो बाइडन की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह समझौता ऐसे समय में ईरानी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा जब ईरान अमेरिकी सैनिकों और पश्चिम एशिया के सहयोगियों के लिए एक बढ़ता खतरा बन गया है।

आयोवा के सीनेटर चक ग्रासली ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ‘‘कैदियों की रिहाई के वास्ते छह अरब अमेरिकी डॉलर के भुगतान को लेकर अमेरिका को ब्लैकमेल किया जाना हास्यास्पद है, जो अप्रत्यक्ष रूप से ईरान की नंबर एक विदेश नीति: आतंकवाद को वित्तपोषित करने में मदद करेगा।’’

अरकंसास के सीनेटर टॉम कॉटन ने बाइडन पर ‘‘आतंकवाद की दुनिया के सबसे खराब प्रायोजक देश को फिरौती देने’’ का आरोप लगाया।

व्हाइट हाउस ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल एक ‘‘प्रक्रियात्मक कदम’’ है, जिसका उद्देश्य अगस्त में ईरान के साथ हुए अस्थायी समझौते को पूरा करना है।

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने कहा, ‘‘यहां जो किया जा रहा है वह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें हम गलत तरीके से पकड़े गए पांच अमेरिकियों की रिहाई सुनिश्चित कर रहे हैं। यह एक संवेदनशील और सतत प्रक्रिया है।’’

इस छूट का मतलब है कि अगर यूरोपीय, पश्चिम एशियाई और एशियाई बैंक दक्षिण कोरिया में फ्रीज धन को परिवर्तित कर कतर के केंद्रीय बैंक में स्थानांतरित करते हैं तो यह अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं होगा। कतर के बैंक में इस धन को मानवीय वस्तुओं की खरीद के मकसद से ईरान के उपयोग के लिए रखा जाएगा।

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