देश की खबरें | अमेरिका ने क्वांटम क्षेत्र में भारत के साथ काम करने की प्रतिबद्धता दोहरायी

नयी दिल्ली, आठ सितंबर अमेरिका ने क्वांटम क्षेत्र में भारत के साथ द्विपक्षीय रूप से और ‘क्वांटम एंटैंगमेंट एक्सचेंज’ के माध्यम से मिलकर काम करने की शुक्रवार को अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। यह बात एक संयुक्त बयान में कही गई है।

‘क्वांटम इंटैंगलमेंट एक्सचेंज’ इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय अदान-प्रदान अवसरों को सुविधाजनक बनाने के लिए एक मंच है।

अमेरिका ने ‘क्वांटम इकोनॉमिक डेवलपमेंट कंसोर्टियम’ के सदस्य के रूप में भारत के एस एन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज, कोलकाता की भागीदारी का स्वागत किया।

बयान में कहा गया, ‘‘इसकी भी मान्यता दी गई कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुम्बई एक अंतरराष्ट्रीय भागीदार के रूप में शिकागो क्वांटम एक्सचेंज में शामिल हुआ है।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच यहां एक एक द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी किया गया। बाइडन शनिवार और रविवार को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां आए हैं।

दोनों नेताओं ने जैव प्रौद्योगिकी और जैव-विनिर्माण नवाचारों में वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान सहयोग को सक्षम बनान के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एनएसएफ) और भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के बीच एक कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर करने की भी सराहना की।

बयान में कहा गया, ‘‘दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर अनुसंधान, अगली पीढ़ी की संचार प्रणालियों, साइबर सुरक्षा और हरित प्रौद्योगिकियों और ‘इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ में अकादमिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एनएसएफ और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव आमंत्रित किये जाने का स्वागत किया।’’

दोनों नेताओं ने लचीली प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण और रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन नीतियों को बढ़ावा देने और नियमों को अपनाने के लिए अपने प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहरायी जो भारतीय और अमेरिकी उद्योग, सरकार और अकादमिक संस्थाओं के बीच अधिक प्रौद्योगिकी साझाकरण, सह-विकास और सह-उत्पादन के अवसरों की सुविधा प्रदान करते हैं।

इसमें कहा गया, "दोनों नेताओं ने जून 2023 में शुरू किए गए द्विपक्षीय रणनीतिक व्यापार संवाद के तत्वावधान में एक अंतर-एजेंसी निगरानी तंत्र के माध्यम से निरंतर सम्पर्क का भी स्वागत किया।’’

दोनों नेताओं ने कम से कम 10 लाख अमेरिकी डॉलर की संयुक्त प्रारंभिक प्रतिबद्धता के साथ भारत-अमेरिका वैश्विक चुनौती संस्थान की स्थापना के लिए काउंसिल आफ इंडियन इंस्टीट्यूट्स आफ टेक्नोलॉजी (आइआईटी काउंसिल) के नेतृत्व में भारतीय विश्वविद्यालयों और एसोसिएशन आफ अमेरिकन यूनीवर्सिटीज (एएयू) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का भी स्वागत किया।

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