वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने कुछ एजेंटों के इमारत में रहने और पूरे सैन्य दल के शहर में ही रहने पर जोर किया है ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच किसी भी तरह का भ्रम उत्पन्न होने पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वे वहां मौजूद हों।
अमेरिका की एक अदालत ने ओरेगन की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें नस्लीय हिंसा के खिलाफ पोर्टलैंड में हो रहे प्रदर्शनों को रोकने के लिए संघीय एजेंटों को कार्रवाई करने से रोकने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद हजारों प्रदर्शनकारी पोर्टलैंड की गलियों में एकत्र हुए।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इन प्रदर्शनों को काबू करने के लिए संघीय एजेंटों को तैनात किया है। इन एजेंटों ने नस्लीय हिंसा के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए दर्जनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है और आंसू गैस का इस्तेमाल किया है।
ओरेगन में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का कहना है कि संघीय हस्तक्षेप से हालात और बिगड़ गए हैं।
डेमोक्रेटिक गवर्नर ने कहा कि सीबीपी और आईसीई के एजेंट बृहस्पतिवार को वहां से वापसी शुरू कर देंगे लेकिन, गृह सुरक्षा के कार्यकारी सचिव चाड वोल्फ़ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये एजेंट कहा जाएंगे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संघीय बल तब तक वहां रहेंगे जब तक कि ट्रम्प प्रशासन इस बात को लेकर आश्वस्त ना हो जाए कि समझौता कारगर है और राज्य पुलिस संघीय सम्पत्ति की रक्षा सही से कर रही है।
कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में प्रदर्शनकारियों ने शनिवार देर रात एक अदालत (कोर्टहाउस) में आग लगा दी थी, पुलिस थाने को क्षतिग्रस्त कर दिया और अधिकारियों पर हमला किया था।
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