वाशिंगटन, 30 अक्टूबर अमेरिका की एक अदालत ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक इकाई एन्ट्रिक्स कॉरपोरेशन को बेंगलुरू की स्टार्टअप कंपनी देवास मल्टीमीडिया को 1.2 अरब डॉलर की क्षतिपूर्ति करने का आदेश दिया है।
यह भुगतान 2005 के उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण और परिचालन का सौदा रद्द करने को लेकर है।
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कंपनी के साथ हुए अनुबंध के तहत एन्ट्रिक्स कॉरपोरेशन कोदो उपग्रहों को बनाने, उन्हें प्रक्षेपित करने और उनका परिचालन करने के लिये जनवरी 2005 में सहमत हुई थी।
इनकी मदद से देवास को 70 मेगाहर्ट्ज का एस-बैंड स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराने की योजना थी, जिनके जरिये देवास की योजना भारत भर में हाइब्रिड सैटेलाइट व स्थलीय संचार सेवा प्रदान करने की थी।
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एन्ट्रिक्स कॉरपोरेशन ने इस समझौते को फरवरी 2011 में रद्द कर दिया था। देवास ने इसके बाद अगले कई साल तक भारत में विभिन्न कानूनी मंचों पर गयी। वह यह मामला लेकर उच्चतम न्यायालय तक भी गयी। नयायालय ने इस मामले को न्यायाधिकरण के पास ले जाने का निर्देश दिया।
कंपनी इस मामले को सितंबर 2018 में अमेरिका की अदलत में ले गयी।एन्ट्रिक्स कॉरपोरेशन ने इसके खिलाफ न्यायिक क्षेत्राधिकार का मुद्दा उठाया था और मामले को खारिज करने का अनुरोध किया था। लेकिन अदालत ने कहा था कि वह इस मामले की सुनवायी कर सकती है।
वॉशिंगटन की एक जिला अदालत के जज थॉमस एस जि़ल्ली ने 27 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि अंतरिक्ष देवास को 56.25 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति और इसके ऊपर ब्याज का भुगतान करेगी। क्षतिपूर्ति और ब्याज मिलाकर राशि 1.2 अरब डॉलर हो जाती है।
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