प्रधान न्यायाधीश रोगर बी टैनी ने वर्ष 1857 में ड्रेड स्कॉट नामक मामले में अपने फैसले में कहा था कि अफ्रीकी मूल के लोग अमेरिका के नागरिक नहीं हो सकते ।
टैनी की प्रतिमा हटाने के मुद्दे पर बुधवार को मतदान होने की उम्मीद है।
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अमेरिका में एक गोरे पुलिस अधिकारी द्वारा काले व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या किए जाने के बाद पूरी दुनिया में नस्लवाद के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे और प्रदर्शनकारियों ने नस्लवादी माने जाने वाले कई लोगों की प्रतिमाओं को गिरा दिया था।
फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में इस बात पर बहस छिड़ी है कि नस्लवादी विचाराधारा के लोगों की प्रतिमाओं को रहने दिया जाना चाहिए या नहीं।
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यूएस कैपिटोल में एक कमरे के बाहर टैनी की दो फुट ऊंची एक आवक्ष प्रतिमा लगी है जहां 1810 से 1860 तक देश का उच्चतम न्यायालय सुनवाई करता था। यह वही कमरा है जहां देश के पांचवें प्रधान न्यायाधीश टैनी ने ड्रेड स्कॉट फैसले की घोषणा की थी। इस निर्णय को अदालती इतिहास में कई बार सबसे खराब निर्णय करार दिया गया है।
एपी
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