वाशिंगटन, 23 जून अमेरिका ने भारतीय विमानन कंपनियों से कहा है कि वे चार्टर उड़ानों से पहले प्राधिकार-पत्र के लिए आवेदन करें और साथ ही यह आरोप लगाया है कि भारत सरकार भारत और अमेरिका के बीच हवाई परिवहन सेवाओं के संबंध में ‘‘अनुचित और भेदभावपूर्ण’’ बर्ताव कर रही रही।
अमेरिकी परिवहन विभाग (डीओटी) ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिकी विमानन कंपनियों को बराबरी का अवसर देने के लिए यह कार्रवाई कर रहा है।
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डीओटी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि भारत सरकार भारत आने-जाने वाली चार्टर हवाई परिवहन सेवाओं के संबंध में अनुचित और भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रही है।
इस आदेश के बाद डीओटी प्रत्येक मामले में अलग-अलग भारतीय विमानन कंपनियों को चार्टर उड़ानों की अनुमति देगा।
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विभाग ने यह भी कहा है कि यदि अमेरिकी कंपनियों के लिए बराबरी का मौका बहाल कर दिया गया, तो वह अपनी कार्रवाई पर फिर से विचार करने के लिए तैयार है।
डीओटी ने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के चलते भारत ने सभी सेवाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया, और अमेरिकी विमानों को चार्टर उड़ानों के लिए भी मंजूरी नहीं दी गई।
इसी समय, एयर इंडिया 7 मई 2020 से भारत और अमेरिकी के बीच दोनों तरफ से चार्टर उड़ानों का संचालन कर रही थी।
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