जरुरी जानकारी | यूपीआई की ब्रिटेन में उतरने की तैयारी, भारतीय यात्रियों को मिलेगी सुगम डिजिटल भुगतान की सुविधा

नयी दिल्ली, 18 अगस्त स्वदेशी रूप से विकसित तत्कल आधार पर भुगतान समाधान यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ब्रिटेन के बाजार में उतरेगा। शुरुआत में इसके जरिये ​क्यूआर कोड आधारित लेनदेन किया जा सकेगा।

एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने ब्रिटेन में अपने भुगतान समाधान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति के लिए भुगतान समाधान प्रदाता पेएक्सपर्ट के साथ साझेदारी की है।

एनआईपीएल, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। इसने दुनिया का सबसे बड़ा भुगतान समाधान यूपीआई और रुपे कार्ड योजना विकसित की है।

एनपीसीआई ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि इस सहयोग के जरिये ब्रिटेन में उपलब्ध भारतीय भुगतान समाधान सभी पेएक्सपर्ट एंड्रॉयड पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) उपकरणों पर स्टोरों में भुगतान के लिए सुलभ होंगे। इसकी शुरुआत यूपीआई आधारित क्यूआर कोड भुगतान से होगी। बाद में इसके रुपे कार्ड भुगतान से एकीकरण की संभावना तलाशी जाएगी।

यूपीआई के जरिये 2021 में 940 अरब डॉलर (39 अरब लेनदेन) लेनदेन हुए, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 31 प्रतिशत के बराबर है।

रुपे भारत में घरेलू रूप से विकसित वैश्विक कार्ड भुगतान नेटवर्क है। इसके अबतक 70 करोड़ से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

पेएक्सपर्ट के प्रबंध निदेशक डेविड आर्मस्ट्रांग ने कहा कि यूपीआई और रुपे के आने से ब्रिटेन में कंपनी के लिए अवसरों का एक नया क्षेत्र खुलेगा।

उन्होंने कहा कि यह ब्रिटेन के व्यापारियों के लिए कंपनी के समाधान की क्षमता को और मजबूत करेगा।

एनपीसीआई ने कहा कि एक लाख से अधिक छात्रों समेत पांच लाख से अधिक भारतीय हर साल यहां की यात्रा करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह संख्या अगले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। यह साझेदारी भारतीय यात्रियों को ब्रिटेन में भुगतान करने का एक परिचित और सुविधाजनक तरीका मुहैया कराएगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)