जरुरी जानकारी | आरबीआई के अधिकारियों की यूनियन ने एकीकृत पर्यवेक्षी कैडर को लेकर जताई चिंता

मुंबई, 26 जून भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों के संगठन ‘द रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन’ (आरबीआईओए) ने एकीकृत पर्यवेक्षी और नियामकीय कैडर बनाने को लेकर चिंता जतायी है। उसका कहना है कि यह लंबी अवधि में केंद्रीय बैंक के कामकाज को प्रभावित करेगा।

कुछ समय पहले रिजर्व बैंक ने अपने पर्यवेक्षण और नियामकीय काम के लिए विशेषीकृत पर्यवेक्षी एवं नियामकीय कSडर (एसएसआरसी) बनाने का प्रस्ताव किया था। उसने अपने सभी श्रेणियों के अधिकारियों से इसके तहत आने या बाहर रहने का चुनाव करने के लिए आरंभ में अंतिम तिथि 31 जनवरी] 2020 रखी थी।

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आरबीआईओए ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित कैडर के लिए सभी श्रेणियों के अधिकारियों से ठंडी प्रतिक्रिया मिली है।

पत्र के मुताबिक एक समय में अधिकारी वर्ग को पर्यवेक्षण और नियामकीय काम बहुत आकर्षित करता था। ‘लेकिन आरबीआई का यह प्रस्ताव उतना आकर्षक नहीं है। इस योजना को बिना किसी स्पष्टता, विस्तृत अध्ययन, दृष्टिकोण और प्रशासनिक अनुभव के तैयार किया गया है।’

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संगठन ने कहा कि एसएसआरसी में अलग-अलग वरिष्ठतानुक्रम लंबी अवधि में आरबीआई के कामकाज को नुकसान पहुंचाएगा।

पत्र में कहा गया है कि एसएसआरसी के चलते रिजर्व बैंक अपने पास उपलब्ध योग्य अधिकारियों के बड़े पूल में से नियामकीय और पर्यवेक्षण के काम के लिए अधिकारियों का चुनाव करने के लाभ से वंचित हो जाएगा। वहीं कैडर में शामिल अधिकारियों के पास अन्य क्षेत्रों में काम का अनुभव नहीं होगा। इसलिए एसएसआरसी के प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने की तत्काल जरूरत है।

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