बेंगलुरु, 16 मई केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को संकेत दिया कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नलिन कुमार कटील को बदला जा सकता है। वह पहले ही तीन साल का अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
दक्षिण कन्नड़ से तीन बार लोकसभा सदस्य रहे कटील को अगस्त 2019 में तीन साल के कार्यकाल के लिए राज्य इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया था। आसन्न चुनावों के मद्देनजर उन्हें पिछले साल सेवा विस्तार दिया गया था।
गत 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया था। राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 135 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा को 66 और जनता दल (सेक्युलर) को 19 सीटें मिलीं।
धारवाड़ से लोकसभा सदस्य और केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला एवं खान मंत्री जोशी ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में भाजपा विधायक दल से चर्चा के बाद यह फैसला किया जाएगा कि विधानसभा में विपक्ष का नेता कौन होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि उनका (कटील का) तीन साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है। (विधानसभा) चुनाव के मद्देनजर हमारे राष्ट्रीय नेताओं ने उन्हें जिम्मेदारी दी थी। हमारे नेता आगे का फैसला करेंगे।’’
जोशी ने लोगों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए कांग्रेस से जल्द से जल्द सरकार बनाने की भी अपील की।
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा के अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि पार्टी आत्ममंथन करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले ही कह चुके हैं कि यह भाजपा के लिए सबसे निराशाजनक परिणाम है। चुनाव में इस तरह के घटनाक्रम होते रहते हैं। हमें कारण का पता लगाना होगा।’’
उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने और न ही पार्टी ने विधानसभा चुनाव में मिली हार को हल्के में लिया है।
उन्होंने कहा कि इसके बजाय, परिणाम को एक चुनौती के रूप में लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम लोकसभा चुनाव के लिए कमर कस रहे हैं और हम जीतेंगे।’’
गत 13 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कटील ने कहा था कि राज्य इकाई के प्रमुख के रूप में वह चुनाव में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हैं।
ब्रजेन्द्र
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