हैदराबाद, एक फरवरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने सोमवार को केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह कॉरपोरेट जगत और बड़े उद्यमियों के लिए है और इसमें गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है।
पार्टी के महासचिव डी. राजा ने कहा कि बजट में कृषि, बीमा क्षेत्र और ‘हर चीज’ को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस ‘‘जन विरोधी’’ बजट को करारा जवाब मिलेगा।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह बजट मोदी सरकार द्वारा जारी आक्रामक, कॉरपोरेट समर्थक आर्थिक नीतियों का सिलसिला है। यह कॉरपोरेट समर्थक, बड़े उद्यमियों के लिए बजट है। यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय पूंजी एफडीआई का समर्थक है। इसलिए इस बजट में गरीबों, दिक्कतों का सामना कर रहे जनमानस के लिए कुछ भी नहीं है।’’
पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में हिस्सा लेने महानगर आए भाकपा नेता ने कहा कि बजट में कृषि, बीमा क्षेत्र और हर चीज को एफडीआई के लिए खोल दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए बजट कॉरपोरेट समर्थक और गरीब विरोधी है।’’
राजा ने कहा कि देश में जब ‘बेरोजगारी’ ‘अभूतपूर्व’ स्तर पर है तो बजट ने युवाओं को निराश किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम केन्द्र सरकार पर सांप्रदायिक, कॉरपोरेट समर्थक, फासीवादी होने का आरोप लगाते हैं जिससे हमें लड़ने की जरूरत है। इस बजट ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है...इस तरह की कठिन महामारी वाली स्थिति में भी सरकार ने गरीब लोगों की चिंता नहीं की और इस जनविरोधी बजट के खिलाफ लोगों को एकजुट कर हम करारा जवाब देंगे।’’
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