नयी दिल्ली, 31 दिसंबर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को देश में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बड़े पैमाने पर ‘अंडरकरंट’ (माहौल) होने का दावा किया और कहा कि अगर विपक्ष ने प्रभावी ढंग से वैकल्पिक दृष्टिकोण सामने रख दिया तो अगले लोकसभा में चुनाव में भाजपा के लिए जीत बहुत ही मुश्किल हो जाएगी।
उन्होंने संवाददाताओं से यह भी कहा कि विपक्षी दलों को एक दूसरे का सम्मान करना होगा।
राहुल गांधी ने सरकार पर चीन के मामले को संभालने में पूरी तरह विफल रहने और असमंजस की स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार की नीतियों के चलते चीन एवं पाकिस्तान एक हो गए हैं, जो खतरनाक बात है।
उन्होंने यह दावा भी किया कि डोकलाम एवं तवांग में जो हुआ है, वो किसी बड़ी तैयारी का हिस्सा है।
राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता से जुड़े सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर विपक्ष एक दृष्टिकोण के साथ प्रभावी ढंग से खड़ा होगा, तो भाजपा के लिए चुनाव जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा। परंतु विपक्ष को प्रभावी ढंग से समन्वय बनाना पड़ेगा और विपक्ष को वैकल्पिक दृष्टिकोण के साथ लोगों के साथ जाना होगा।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा के खिलाफ बड़े पैमाने पर अंडरकरंट है।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य देश को वैकल्पिक दृष्टिकोण देने का है।”
‘भारत जोड़ो यात्रा’ से विपक्ष के प्रमुख नेताओं के दूर रहने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि विपक्ष के नेता हमारे साथ खड़े हैं...आज के हिंदुस्तान में राजनीतिक मजबूरी और दूसरी मजबूरियां होती हैं। मैं टिप्पणी नहीं करूंगा कि कौन आ रहा है, कौन नहीं आ रहा है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दरवाजे खुले हुए हैं, उसे हम किसी के लिए बंद नहीं करना चाहते।’’
उनका कहना था, ‘‘अखिलेश जी, मायावती और बहुत सारे लोग हैं, जो मोहब्बत का हिंदुस्तान चाहते हैं। उनके साथ रिश्ता तो है। उनके साथ वैचारिक, भारत जोड़ने और नफरत को मिटाने का रिश्ता है।’’
अखिलेश यादव के ‘कांग्रेस, भाजपा के होने’ संबंधी बयान पर उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरे देश को पता है कि भाजपा और कांग्रेस एक हो नहीं सकते। अगर भाजपा और कांग्रेस एक होते तो नरेंद्र मोदी ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की बात कभी नहीं करते...अखिलेश जी की भी जगह है। उनको बोलने का विकल्प मिलना चाहिए।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के मुताबिक, ‘‘अब यह तरकीब वाली राजनीतिक लड़ाई नहीं रही। वो समय चला गया कि कुछ दल साथ आएं और समूह बनाकर भाजपा को हरा दें। अब हिंदुस्तान का पूरा संस्थागत ढांचा एक विचारधारा के हाथ में है। अब उनको हराने के लिए एक विचारधारा की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष का बहुत सम्मान करता हूं। अगर आप समाजवादी पार्टी को देखें तो उनके पास राष्ट्रीय विचारधारा नहीं है। उनकी उत्तर प्रदेश में जगह है और शायद उन्हें अपने इसी जगह की रक्षा करनी है, इसलिए (साथ) नहीं आए।’’
राहुल गांधी ने यह भी कहा, ‘‘सपा का विचार केरल, कर्नाटक में नहीं चलेगा, बिहार में नहीं चलेगा। मुख्य वैचारिक रूपरेखा कांग्रेस ही दे सकती है, लेकिन जरूरी है कि विपक्षी दल एक दूसरे का सम्मान करें।’’
चीन के साथ सीमा पर तनाव के संदर्भ में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘जब राष्ट्रीय स्तर का नेतृत्व रणनीतिक रूप से काम नहीं करता है, तो अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भू-राजनीति में तुरंत प्रतिक्रिया आती है। हमारी सरकार ने चीन के मामले को पूरी तरह से ‘मिस्हैंडल’ (संभालने में विफल) किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी विदेश नीति का लक्ष्य था कि चीन और पाकिस्तान को कभी एक नहीं होने देना है। यह हमारा मुख्य लक्ष्य था। यह हमने संप्रग-2 तक सफलतापूर्वक किया। लेकिन आज पाकिस्तान और चीन एक हो गए हैं। यह खतरनाक बात है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि चीन और पाकिस्तान एक हुए, क्योंकि मौजूदा सरकार चीजों को संभालने में विफल रही।
उनका कहना था, ‘‘सरकार को सेना, वायुसेना और नौसेना की बात सुननी है। इसका मतलब है कि सेना का राजनीतिक इस्तेमाल बंद करना होगा। आपको सावधानी से कदम उठाने हैं। जो सीमा पर हो रहा है, उसे छिपाइए मत।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन ले ली। लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई अंदर नहीं आया। अगर मैं आपके घर में घुस जाऊं और फिर आप कहें कि कोई अंदर नहीं आया, तो मुझे संदेश मिलेगा? वही चीन के साथ हुआ है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार असमंजस की स्थिति में है। यह असमंजस खत्म होना चाहिए। बोलना चाहिए कि तुम (चीन) अंदर आए हो, यहां से निकलो।’’
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘सरकार को बताना चाहिए कि यह हुआ और हमने किया। कांग्रेस और पूरा विपक्ष सरकार का साथ देगा।’’
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