नयी दिल्ली, 25 अगस्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंद्रयान-3 मिशन को वैज्ञानिकों की अभूतपूर्व सफलता बताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे चांद की जमीन से अनेक नई जानकारियाँ हासिल होंगी जिनका लाभ समस्त विश्व को मिलेगा।
राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रशासनिक प्रमुख रहीं दादी प्रकाशमणि की स्मृति में डाक टिकट जारी करते हुए यह बात कही।
मुर्मू ने कहा, ‘‘ एक विशेष गर्व और ख़ुशी की बात इस अवसर पर मैं कहना चाहती हूँ। दो दिन पहले ही हम सब भारत के वैज्ञानिकों की अभूतपूर्व सफलता के साक्षी बने हैं। भारत, चांद के दुर्गम दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने वाला पहला देश बन गया है।’’
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ हमारे चंद्रयान-3 मिशन द्वारा चांद की जमीन से अनेक नई जानकारियाँ हासिल होंगी जिनका लाभ समस्त विश्व को मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी लगभग चार दशकों तक ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रशासनिक प्रमुख रहीं और 70 वर्षों तक उन्होंने लोगों में ईश्वर के प्रेम का संदेश प्रसारित किया।
मुर्मू ने कहा कि उनके (दादी प्रकाशमणि) प्रभावी नेतृत्व में ब्रह्माकुमारी संस्था एक छोटे से परिवार से आगे बढ़ते हुए विश्वस्तरीय आध्यात्मिक संगठन में परिवर्तित हो गई है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे काम कर जाते हैं कि वे अमरत्व प्राप्त कर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को उसकी आत्मिक शक्ति का अनुभव करवाना और दुनिया में प्रेम और सद्भाव का विस्तार करना एक महान कार्य है और इस महान कार्य की ज्योति दादी प्रकाशमणि जी ने जलाई थी।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज दादी जी शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके आध्यात्मिक और प्रसन्नचित व्यक्तित्व की स्मृतियां और उनके मानव-कल्याण के संदेश सदा हमारे बीच जीवित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे विश्वास है कि दादी प्रकाशमणि जी की स्मृति में जारीडाक टिकट ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के बहनों-भाइयों के साथ-साथ देश-विदेश के सभी लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।’’
मुर्मू ने कहा कि लोग दादी प्रकाशमणि जी के आध्यात्मिक मूल्यों और ज्ञान से सदैव प्रकाशित होते रहेंगे।
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