जरुरी जानकारी | संरा प्रमुख ने भारत सहित जी20 से स्वच्छ ऊर्जा साधनों में निवेश करने को कहा

संयुक्त राष्ट्र, 28 अगस्त संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने शुक्रवार को भारत और अन्य जी20 देशों से कोविड-19 महामारी से उबरने के साथ ही स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा साधनों में निवेश का आह्वान किया।

साथ ही उन्होंने दुनिया भर में जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की, जिनसे भारी मात्रा में प्रदूषण होता है।

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गुतारेस ने ‘द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी)’ द्वारा आयोजित 19वें दरबारी सेठ स्मृति व्याख्यान को ऑनलाइन संबोधित करते हुए स्वच्छ ईंधन और ऊर्जा तक पहुंच में अंतर को भरने को बेहतर व्यवसाय बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘ये वृद्धि और समृद्धि के वाहक हैं। फिर भी यहां भारत में जीवाश्म ईंधन के लिए सब्सिडी अभी भी स्वच्छ ईंधन के मुकाबले सात गुनी अधिक है।’’

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उन्होंने कहा कि कोयला सब्सिडी 2019-20 में करीब 2.06 अरब डॉलर थी, जबकि जीवाश्म ईंधन के लिए कुल सब्सिडी 11 अरब डॉलर थी।

गुतारेस ने कुल ऊर्जा खपत में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत से 24 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए भारत की तारीफ की।

उन्होंने कहा कि कोयला दहन पाउडर का 10 प्रतिशत घटकर 76 प्रतिशत से 66 प्रतिशत हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि जीवाश्म ईंधन के मुकाबले नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश से तीन गुना अधिक रोजगार पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते कई लोगों के दोबारा गरीबी में जाने का जोखिम पैदा हो गया है, और ऐसे में इस तरह के रोजगार सृजन के अवसर को खोना नहीं चाहिए।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और अपना अध्यक्षीय भाषण दिया।

‘टेरी’ ने वार्षिक व्याख्यान की शुरुआत 2002 में, संस्थान के संस्थापक दरबारी सेठ की याद में की थी। इस व्याख्यान का शीर्षक ‘नवीकरणीय का उदय: एक स्थायी भविष्य पर प्रकाश’ है।

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