विदेश की खबरें | यूक्रेन की परमाणु एजेंसी ने डर्टी बम संबंधी रूस के आरोप को खारिज किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने सप्ताहांत में अपने ब्रिटिश, फ्रांसीसी, तुर्की और अमेरिकी समकक्षों को फोन कर यह दावा किया था कि यूक्रेन रेडियोधर्मी उपकरण-तथाकथित डर्टी बम के जरिए उसे उकसाने की कोशिश कर रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने इसे "पूरी तरह झूठा" कहकर खारिज कर दिया।

यूक्रेन ने भी मॉस्को के दावे को खारिज किया और कहा कि यह डर्टी बम का इस्तेमाल करने की रूस की खुद की योजना से ध्यान हटाने का प्रयास है।

कीव की परमाणु एजेंसी एनरगोएटम ने कहा कि रूसी सेना ने अपने कब्जे वाले यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में पिछले सप्ताह गुप्त निर्माण कार्य किया है।

इसने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि क्षेत्र पर कब्जा जमाए बैठे रूसी अधिकारी यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र को संचालित कर रहे यूक्रेनी कर्मचारियों या संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी इकाई को यह नहीं देखने देंगे कि वे क्या कर रहे हैं।

एनरगोएटम ने कहा, "इससे ऐसा लगता है कि परमाणु सामग्री और (संयंत्र) में संग्रहीत रेडियोधर्मी कचरे का उपयोग करके रूस किसी आतंकवादी कृत्य की तैयारी कर रहा है।"

इसने कहा कि संयंत्र में इस्तेमाल हो चुके सूखे ईंधन के भंडारण केंद्र में 174 कंटेनर हैं, जिनमें से प्रत्येक में इस्तेमाल हो चुके परमाणु ईंधन की 24 असेंबली हैं।

कंपनी ने कहा, "विस्फोट के परिणामस्वरूप इन कंटेनर के नष्ट होने से विकिरण दुर्घटना होगी और कई सौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैल जाएगा।"

एनरगोएटम ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से यह पता करने के लिए कहा कि वहां क्या चल रहा है।

डर्टी बम से परमाणु बम जैसा भयावह विनाश नहीं होता लेकिन इससे बड़े क्षेत्र में विकिरण प्रदूषण फैल जाता है।

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