देश की खबरें | यूडीएफ ने के-एफओएन परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा की, भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

कोच्चि, 29 मई केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने ‘केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क’ (के-एफओएन) परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन मुफ्त इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने संबंधी राज्य सरकार के उद्धाटन कार्यक्रम और इससे जुड़़े सभी कार्यक्रमों का बहिष्कार करेगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यूडीएफ परियोजना के खिलाफ नहीं है, लेकिन ‘‘इसमें हुए भ्रष्टाचार’’ के कारण 5 जून को इसकी शुरुआत के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोप ठोस सबूत के साथ लगाए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री अभी तक जवाब देने के लिए तैयार नहीं हैं।’’

सतीशन ने कहा कि जब 2017 में के-एफओएन परियोजना पेश की गई थी, तब यह घोषणा की गई थी कि 18 महीनों में 20 लाख लोगों को मुफ्त इंटरनेट कनेक्शन मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि सात साल बाद भी केवल 14,000 लोगों को कनेक्शन दिए जा रहे हैं। (परियोजना स्थापित करने के लिए) अनुमानित 1,028 करोड़ रुपये को 50 प्रतिशत बढ़ाकर 1,531 करोड़ रुपये कर दिया गया है।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि के-एफओएन परियोजना में भ्रष्टाचार 'सुरक्षित केरल' परियोजना के लिए एआई कैमरा सौदे में हुए भ्रष्टाचार से बड़ा है।

सतीशन ने हाल ही में चिकित्सा सेवा निगम के गोदामों में लगी आग के लिए सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित चीजों को कथित रूप से आग लगाकर भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है।

पिछले हफ्ते, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने घोषणा की थी कि वाम सरकार की महत्वाकांक्षी के-एफओएन परियोजना 5 जून को शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा था कि आर्थिक रूप से पिछड़े लगभग 20 लाख परिवार मुफ्त इंटरनेट सेवा से लाभान्वित होंगे और के-एफओएन के तहत अन्य लोगों को किफायती दर पर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

विजयन ने पहले कहा था कि के-एफओएन नेटवर्क स्कूल, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और "राज्य द्वारा परिकल्पित ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए उत्प्रेरक" होगा।

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