देश की खबरें | उदयनिधि को मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बोलना चाहिए : निर्मला सीतारमण

चेन्नई, 16 सितंबर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सनातन धर्म विवाद पर शनिवार को कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम नेता उदयनिधि स्टालिन को राज्य के मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बोलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 1971 में तमिलनाडु में भगवान राम का अपमान देखने के बावजूद सनातन धर्म ने हिंसा से जवाब नहीं दिया।

वित्त मंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘किसी को यह कहने का अधिकार नहीं है कि वह एक धर्म को खत्म कर देगा और खासतौर से एक मंत्री के पास तो ऐसा कोई अधिकार नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से ऐसा बयान देना सबसे ज्यादा गलत है और उदयनिधि का अब यह दावा करना कि उन्होंने सनातन धर्म को नष्ट करने की बात नहीं कही, यह उचित नहीं है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘मीडिया ने (कार्यक्रम की फुटेज) रिकॉर्ड किया। उन्होंने क्या कहा? उन्होंने कहा कि वह खुश है कि यह सम्मेलन सनातन धर्म के उन्मूलन के बारे में है न कि विपक्ष के।’’

उन्होंने कहा कि हर किसी को अधिकार है और वे अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि सनातन पर बहस विपक्ष गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दल द्रमुक के मंत्री उदयनिधि ने शुरू की और क्या उन्होंने चुनाव (2024 के लोकसभा चुनाव) को देखते हुए यह बहस शुरू की?

वह विदुथलाई चिरुथैगल काची नेता थोल तिरुमावलवन की उस आलोचना से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रही थी कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनाव को देखते हुए सनातन पर चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने बहस शुरू नहीं की, आपने इसे शुरू किया।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना गलत है जो हिंसा भड़का सकते हैं। देश ने आजादी के बाद जब से संविधान को अपनाया है तो हमारी जिम्मेदार ऐसे का इस्तेमाल करने से बचने की है जो हिंसा भड़का सकती हो।

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