लखनउ, सात अगस्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों ने शुक्रवार को बाढ प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों तथा बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया ।
राहत आयुक्त संजय गोयल ने एक बयान में बताया कि पिछडा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर तथा जलशक्ति राज्य मंत्री बलदेव ओलख ने बाढ प्रभावित गोण्डा, संत कबीर नगर, मउ, देवरिया और गोरखपुर जिलों का दौरान कर राहत कार्यों का जायजा लिया ।
मंत्रियों ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की ।
प्रदेश के 17 जिलों में 706 गांव बाढ से प्रभावित हैं । पलियांकला—लखीमपुर खीरी में शरदा नदी, बर्डघाट—गोरखपुर में राप्ती तथा एल्गिनब्रिज—बाराबंकी, अयोध्या और तुर्तीपार—बलिया में सरयू—घाघरा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है ।
खबर है कि गोरखपुर में राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित असवनपार—गहिराघाट तटबंध और बलिया में बकुलहा संसारटोला तटबंधों में कुछ दिक्कत है । उनकी मरम्मत का कार्य चल रहा है । अन्य सभी पुल और तटबंध सुरक्षित हैं ।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगायी गयी हैं । मदद के लिए 749 नौकाएं तैनात हैं और 715 बाढ चौकियां स्थापित की गयी हैं । कुल 236 बाढ आश्रय स्थल बनाये गये हैं और चार जिलों के 44 आश्रय स्थलों में इस समय 4087 लोग हैं ।
बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि आश्रय स्थलों में कोविड—19 प्रोटोकाल के अनुरूप सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जाए । यदि किसी को बुखार, सर्दी, खांसी या सांस लेने में दिक्कत है तो उसे तत्काल जांच के लिए भेजा जाए ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY