कोटा, 17 जून गरीब चरवाहा परिवार से ताल्लुक रखने वाली दो चचेरी बहनों रितु यादव और करीना यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) सफलता अर्जित की है।
जयपुर जिले में जामवा रामगढ़ के नंगल तुलसीदास गांव की रितु यादव (19) और करीना यादव (20) ने तमाम बाधाओं को पार करते हुए अपने दूसरे और चौथे प्रयास में इस प्रतिष्ठित परीक्षा में यह कामयाबी हासिल की।
दोनों को उनके चाचा (सेवानिवृत विज्ञान के शिक्षक) का मार्गदर्शन मिला, जो अपने परिवार के इकलौते साक्षर सदस्य हैं।
नीट में 680 अंक के साथ अखिल भारतीय स्तर पर 1621वीं रैंक (कैटगरी रैंक 432) पाने वालीं करीना ने कहा, ‘‘ वर्ष 2020 में पहले प्रयास के बाद मैं सफलता को लेकर आश्वस्त थी। मैंने सिर्फ क्चालीफाई करने के बजाय अच्छे मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए अपना अंक सुधारने पर ध्यान दिया।’’
करीना ने कहा कि वह न्यूरोलॉजिस्ट बनकर सेवा करना चाहती हैं।
वर्ष 2022 में पहला प्रयास करने के बाद रितु यादव को इस बार 645 अंकों के साथ अखिल भारतीय स्तर पर 8179वीं रैंक (कैटगरी रैंक 3029) हासिल हुई।
दोनों बहनों ने कहा कि वे प्रतिदिन 12 घंटों तक स्वाध्याय करती थीं और स्मार्टफोन से दूर रहती थीं। दोनों ने कहा कि उनके माता-पिता भी उन्हें सहयोग देते थे और उनसे घरेलू काम नहीं कराते थे।
दोनों के चाचा ठाकरसी यादव ने कहा, ‘‘मैंने वर्ष 1983-84 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने में नाकाम रहने के बाद अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना संजोया था। किसी का स्टेथोस्कोप लगाए होने का दृश्य मुझे प्रेरित करता था।’’
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