देश की खबरें | दो भाजपा सांसदों ने कुरूक्षेत्र में किसानों के आंदोलन से निपटने के तौर तरीके की निंदा की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 12 सितंबर हरियाणा की सत्तारूढ़ भाजपा के दो सासंदों, धर्मबीर सिंह और बृजेंद्र सिंह ने कुरूक्षेत्र के पिपली में हाल ही में किसान आंदोलन से निपटने के प्रशासन के तौर-तरीकों की निंदा करते हुए इसे ‘पीड़ाजनक’ करार दिया है।

दोनों सांसदों का बयान ऐसे समय में आया है जब सहयोगी जनजनायक जनता पार्टी (जेजेपी) और विपक्ष ने इस मुद्दे पर मनोहर लाल खट्टर सरकार पर निशाना साधा है।

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दोनों सांसद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ओ पी धनखड़ द्वारा किसानों से बातचीत करके उन्हें शांत करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति में शामिल हैं।

दोनों सांसदों ने कहा कि किसानों को अपनी आवाज उठाने का समान अधिकार है।

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भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि किसानों की आवाज सुने बगैर ही उन पर लाठीचार्ज करना निंदनीय है, जबकि हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि यह घटना पीड़ाजनक हे।

भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल जेजेपी ने भी पिपली की स्थिति से निपटने के तौर-तरीके की निंदा की है।

पार्टी के नेता दिग्विजय चौटाला ने ट्वीट किया था ‘‘ हम किसानों के दर्द को अपना दर्द समझते हैं। बृहस्पतिवार की घटना की जांच की जानी चाहिए। यह पीड़ाजनक घटना है जो नहीं होनी चाहिए थी।’’

विपक्षी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय सिंह चौटाला ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा , ‘‘ किसानों से बातचीत करने के बजाय भाजपा सरकार उनपर लाठियां बरसा रही थी।’’

भारतीय किसान यूनियन और अन्य किसान संगठनों ने केंद्र के तीन कृषि अध्यादेशों को ‘कृषक विरोधी’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को पिपली में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया था।

हालांकि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल बैजल ने दावा किया कि लाठीचार्ज नहीं किया गया और किसी के घायल होने की कोई चिकित्सा कानूनी रिपोर्ट नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसानों पर बल प्रयोग का कोई आदेश नहीं जारी किया गया था और पुलिस बस इतना चाह रही थी कि जब कोरोना वायरस अपने शिखर पर है तब सड़क जाम नहीं की जाए , क्योंकि एंबुलेंस मरीजों को लेकर जा रही थी।

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