नयी दिल्ली, 21 जून : दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में फर्जी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कंपनियां बनाकर नकली बिल जारी करने के आरोप में एक वकील समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. आरोपियों की पहचान हरियाणा के पानीपत निवासी संदीप (27) और दिल्ली के बुराड़ी निवासी वकील इंद्रपाल (45) के रूप में हुई है.
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने बताया कि आरोपियों ने पैन कार्ड, आधार कार्ड, सिम कार्ड, रेंट एग्रीमेंट और ईमेल आईडी जैसे वास्तविक पहचान दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराया, जिनका इस्तेमाल नकली बिल बनाने में किया जाता था. अधिकारी ने बताया, "यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता सुमित ने जीएसटी पंजीकरण के लिए अपने पैन कार्ड का उपयोग किया. तब उसे यह पता चला कि उसके नाम पर बिना उसकी जानकारी या सहमति के दो जीएसटी नंबर पहले ही जारी हो चुके थे." यह भी पढ़ें : उत्तीर्ण एनडीए उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने पर एम्स का मेडिकल बोर्ड अपनी राय दे:दिल्ली उच्च न्यायालय
सुमित ने आरोप लगाया कि ये कंपनियां अलग-अलग नामों से सक्रिय रूप से कारोबार कर रही थीं और अब तक करोड़ों रुपये का कारोबार कर चुकी थीं, जिससे उसे आर्थिक और प्रतिष्ठात्मक नुकसान हुआ. मामला दर्ज किया गया और जांच के दौरान जीएसटी विभाग के आंकड़ों से शिकायतकर्ता के पैन से जुड़े दो जीएसटी नंबर जारी होने की पुष्टि हुई. आरोपी संदीप को पानीपत से गिरफ्तार किया गया जबकि इंदरपाल को उत्तर प्रदेश के कैराना से गिरफ्तार कर लिया गया.













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