विदेश की खबरें | तुर्की ने अमेरिका की आपत्तियों के बावजूद एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली का परीक्षण करने की बात मानी

अर्दोआन ने कहा कि तुर्की को अपने उपकरणों का परीक्षण करने का अधिकार है।

उन्होंने कहा, ''अमेरिका का रुख हमारे लिये किसी भी प्रकार से बाध्यकारी नहीं है। हमें अमेरिका से पूछने की जरूरत नहीं है। ''

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अमेरिका ने नाटो के सदस्य तुर्की द्वारा रूस की विमान-रोधी प्रणाली खरीदने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपने एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम से तुर्की को बाहर कर दिया था। अमेरिका ने कहा था कि एस-400 प्रणाली स्टील्थ लड़ाकू विमानों के लिये खतरा है और इसका नाटो की प्रणाली के साथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

अमेरिका ने इसके लिये तुर्की पर प्रतिबंध लगाने की भी चेतावनी दी थी। तुर्की ने कहा था कि उसने अमेरिका के यूएस पैट्रियोट प्रणाली बेचने से इनकार करने के बाद रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी थी। तुर्की ने यह भी कहा था कि वह चाहे जो प्रणाली खरीद सकता है, यह उसका संप्रभु अधिकार है।

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तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने अमेरिका पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि नाटो का सदस्य ग्रीस भी तो एस-300 मिसाइल रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर रहा है।

उन्होंने पूछा, ''क्या अमेरिका ने उसे कुछ कहा?''

तुर्की ने इससे पहले कहा था कि एस-400 प्रणाली का संचालन अप्रैल में शुरू होगा, लेकिन प्रणाली को सक्रिय करने में देरी हुई है।

पिछले हफ्ते तुर्की की मीडिया में आईं खबरों में कहा गया था कि सेना ने काले सागर के नजदीक स्थित सिनोप प्रांत में रूस की एस-400 वायु रक्षा प्रणाली का परीक्षण किया है। अब राष्ट्रपति अर्दोआन ने इन खबरों पर मुहर लगा दी है।

एपी

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