वाशिंगटन, 15 सितंबर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा डेमोक्रेटिक पार्टी के उनके प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन ने कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग के बीच जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अलग- अलग तरीके बताए।
ट्रंप ने राज्य के गवर्नर गेविन न्यूसम के साथ ब्रीफिंग के दौरान कैलिफोर्निया प्राकृतिक संसाधन एजेंसी के सचिव वेड क्रोफूट से कहा, " मुझे नहीं लगता कि विज्ञान वास्तव में जानता है।"
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वहीं बाइडन ने जलवायु परिवर्तन पर ट्रंप की नीति की आलोचना करते हुए कहा, “ अगर आप जलवायु फूंकने वाले को चार और साल व्हाइट हाउस में रखेंगे तो अमेरिका के और भागों में भी आग लगने से किसी को हैरत नहीं होनी चाहिए।“
उन्होंने कहा कि आप ऐसा राष्ट्रपति चुनेंगे जो जलवायु परिवर्तन का तथ्य नकारता हो तो अमेरिका के अधिक हिस्सों के जलमग्न हो जाने पर किसी को भी हैरत नहीं होनी चाहिए।
बाइडेन ने कहा, "हमें ऐसा राष्ट्रपति चाहिए जो विज्ञान का सम्मान करता हो, जो समझता हो कि जलवायु परिवर्तन से पहले ही नुकसान हो चुका है। अगर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो यह और विनाशकारी होगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि नवंबर में होने वाले चुनाव में वह अगर निर्वाचित होते हैं तो जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में हुए ऐतिहासिक समझौते में अमेरिका को फिर से शामिल करेंगे और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए नए मानक तैयार करेंगे।
दूसरी ओर ट्रंप ने आग के लिए खराब वन प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि जब पेड़ों को कम अवधि के अंतराल पर काटा जाता है तो वे शुष्क हो जाते हैं। वे माचिस की तीली की तरह हो जाते हैं और उनमें आग लग जाती है।
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