अगरतला, सात जुलाई त्रिपुरा में पांच विधायकों के निलंबन और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक के सदन में कथित रूप से अश्लील फिल्म देखने के मामले पर चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने पर शुक्रवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ और विपक्षी दलों के सदस्यों ने दो बार बहिर्गमन किया।
विपक्ष के नेताओं द्वारा सदन में प्रदर्शन किए जाने के बाद अध्यक्ष विश्वबंधु सेन ने पांच विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया जिसके बाद विपक्षी दलों ने सदन से बहिर्गमन किया।
विधानसभा अध्यक्ष सेन ने कुछ देर बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा के अनुरोध पर विधायकों के निलंबन का आदेश वापस ले लिया।
निलंबन समाप्त होने के बाद पांचों विधायक सदन में लौट आए लेकिन जोर दिया कि भाजपा विधायक के गलत व्यवहार को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष ने जब इससे इंकार कर दिया तो विपक्षी सदस्य दोबारा सदन से बहिर्गमन कर गए।
बजट सत्र के पहले दिन ‘व्यवधान पैदा’ करने पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक नयन सरकार, कांग्रेस के सुदीप रॉय बर्मन और टिपरा मोथा के तीन विधायकों... बृस्वकेतु देबबर्मा, नंदिता रियांग और रंजीत देबबर्मा को निलंबित कर दिया गया था।
टिपरा मोथा के विधायक अनिमेश देबबर्मा ने भाजपा विधायक जादब लाल नाथ के दुर्व्यवहार पर चर्चा कराने की मांग की थी। भाजपा विधायक 30 मार्च को विधानसभा के भीतर अपने मोबाइल फोन पर कथित तौर पर अश्लील फिल्म देख रहे थे।
देबबर्मा इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाना चाहते थे लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी और वित्त मंत्री प्राणजीत सिंह रॉय से चालू वित्त वर्ष के लिए बजट को सदन के पटल पर रखने को कहा।
अध्यक्ष के फैसले से नाराज टिपरा मोथा विधायकों ने विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया और जादब लाल के मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे। माकपा और कांग्रेस के विधायक भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए और आसन के सामने आ गए। इस दौरान वित्त मंत्री ने अपना बजट भाषण जारी रखा।
अध्यक्ष ने शुरुआत में विपक्षी सदस्यों को सदन के भीतर प्रदर्शन नहीं करने की चेतावनी दी और कहा कि वह उन्हें निलंबित करने पर पुनर्विचार करेंगे, लेकिन वे सदन से वाकआउट कर गए।
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